नई दिल्ली. बांग्लादेश ने उल्फा (यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम) के सबसे बड़े उग्रवादी अनूप चेतिया को भारत के हवाले कर दिया है। बुधवार को मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी जानकारी दी गई है। अनूप ढाका की जेल में 18 साल से बंद था। मोदी सरकार के लिए यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
कौन है अनूप चेतिया?
> पूर्वोत्तर में चेतिया उल्फा का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता रहा है।
> चेतिया को 1997 में बांग्लादेश में अरेस्ट किया गया था। उस पर घुसपैठ, फर्जी पासपोर्ट एवं अवैध रूप से विदेशी मुद्रा रखने के मामले चल रहे हैं। उसे सात साल की सजा हुई थी लेकिन सजा पूरी होने के बाद भी उसे जेल से रिहा नहीं किया गया था। माना जाता है कि ऐसा भारत के दबाव के चलते हुआ।
36 साल पहले बना था उल्फा
उल्फा एक आतंकी संगठन है। 1979 में इसे छह लोगों ने बनाया था। इन छह लोगों में अनूप चेतिया भी शामिल था। इस संगठन ने असम और पड़ोस के कई राज्यों में हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिया। हालांकि अब यह संगठन बेहद कमजोर या यूं कहें कि खात्मे की कगार पर है। इसके ज्यादातर मेंबर जेल में हैं। उल्फा के वाइस प्रेसिडेंट प्रदीप गोगोई को आठ अप्रैल 1998 को गिरफ्तार किया गया।
अवैध वसूली की शिकायतें
इंटेलिजेंस एजेंसीज का कहना है कि उल्फा ने बांग्लादेश के जरिए अपना जाल फैलाया और असम के कई युवाओं को अपने संगठन में शामिल कर लिया। पहले इस संगठन को कुछ आम लोगों का साथ मिला लेकिन बाद में इसने अवैध वसूली शुरू कर दी। इसके बाद लोग इससे दूर होते चले गए। उल्फा के मेंबर्स को म्यांमार के जंगलों में ट्रेनिंग दी जाती थी। कई बार ये भी आरोप लगे कि उल्फा के आतंकियों का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और नक्सलियों से भी संबंध है।

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