पांच दिवसीय उद्योग एवं व्यापार मेले का शुभारंभ                                           रिपोर्टर @मुकेश तिवारी
बिलासपुर   ।  राज्य निर्माण के साथ-साथ बिलासपुर में आयोजित इस राष्ट्रीय उद्योग एवं व्यापार मेला ने अपने 16 वर्ष की यात्रा में बिलासपुर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ व देश में पहचान बनाई है। छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और व्यवस्थित यह व्यापार मेला छोटे व्यवसायी एवं व्यापारी ही नहीं बल्कि पूरे बिलासपुर संभाग व छत्तीसगढ़ को जोड़ता है। 12 करोड़ रूपये से ज्यादा का व्यवसाय कर यह एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंच चुका है। मेला परोक्ष और अपरोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ कराने में सहायक है। यह उद्गार मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने आज बिलासपुर में आयोजित 05 दिवसीय राष्ट्रीय उद्योग मेले का औपचारिक रूप से उद्घाटन करते हुए व्यक्त किया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व संसदीय कार्य मंत्री  अजय चंद्राकर भी उपस्थित थे।
बिलासपुर के त्रिवेणी भवन परिसर में 08 जनवरी से 12 जनवरी तक आयोजित इस भव्य मेले में देश भर से आए हुए घरेलु एवं लघु उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध हुआ है। सूक्ष्म, लघु, मध्यम, उद्यम विकास संस्थान, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम भारत सरकार, उद्योग विभाग छ.ग. शासन के सहयोग से जिला लघु एवं सहायक उद्योग संघ द्वारा आयोजित इस मेले की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने कहा कि विगत् 16 वर्षों से लगातार सफलतापूर्वक आयोजित होने वाले इस मेले के लिए जगह कम पड़ने लगी है। मेले की भव्यता को बनाये रखने के लिए साइंस काॅलेज मैदान के पीछे व्यवस्थित रूप से आयोजन के लिए योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मंदी के दौर में स्टील, सीमेंट व अन्य सेक्टर में गिरावट आई है।  यह बड़े इन्वेस्टरों के लिए सबसे बड़ा अवसर है। इसका उपयोग निवेशकों और सरकार को भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत और कैसे बेहतर ढंग से कार्य कर सकता है इसके लिए कार्ययोजना व नीतियां बनाई गई है। छत्तीसगढ़ में बिजली की उपलब्धता, उसकी लागत, भूमि लागत, स्कील मेनपाॅवर, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण को देखकर लगता है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ स्थायी रूप से निवेशकों के लिए सबसे बेहतर और बेस्ट डेस्टीनेशन है। इसलिए राज्य में व्यापार की बढ़ोत्तरी भी लगातार हो रही है। छत्तीसगढ़ में सेल टैक्स 700 करोड़ रूपये से बढ़कर 9800 करोड़ रूपये हो गया है। इससे समझ में आता है कि राज्य में 12-13 वर्षों में व्यापार कितना बढ़ा है और यह ग्रोथ लगातार जारी है और इसके साथ ही साथ छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए नये सेक्टर विकसित किये गये हैं। एल्यूमिनियम पार्क, फूडपार्क, इंडस्टीयल पार्क खोले गये। साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किये गये। राज्य जो पिछड़ा राज्य रहा है छत्तीसगढ़ में पिछले 140 वर्ष में 1180 किलोमीटर रेलवे लाईन बिछी। विगत् 12 वर्षों में 15 किलोमीटर अतिरिक्त रेल लाईन बिछाई गई। यदि इसी रफ्तार से चलेंगे तो रेलवे के विस्तार में 100 वर्ष लगेंगे। इसलिए बजट बनाकर पहली बार एक ऐसा माॅडल बनाया गया है जिसमें आने वाले समय में 540 किलोमीटर रेलवे लाईन का विस्तार किया जायेगा। इसके लिए प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। हमारा लक्ष्य है आने वाले 3-4 वर्षों में यह कार्य पूर्ण कर लिया जाये। यह बहुत बड़ी उपलब्धी होगी। रेलवे के साथ-साथ सड़क के लिए भी कार्ययोजना बनाई गई है और आने वाले 3 वर्ष के अंदर इस क्षेत्र में 25 से 30 हजार करोड़ खर्च कर सड़कों का जाल बिछायेंगे। रायपुर से बिलासपुर के बीच की सड़क दो साल के अंदर पूरा किया जायेगा। जिससे न्यायाधानी से राजधानी के बीच रफ्तार बढ़ेगी, आवागमन बढ़ेगा। आने वाले 30 वर्ष में छत्तीसगढ़ के इन्फ्रास्टेªक्चर को इतना मजबूत बनायेंगे, कि छत्तीसगढ़ आर्थिक रूप से अपने पैरांे पर खड़ा हो सके। छत्तीसगढ़ में स्टील बनता है, आयरन निकलता है, सीमेंट बनता, कोयला निकलता है, चावल व धान जाता है, इसको राज्य से बाहर ले जाने की क्षमता और बाहर से लाने की क्षमता विकसित करना जरूरी है। इसके लिए शुरूआत कर दी गई है। रायपुर के साथ-साथ बिलासपुर का विकास बढ़ रहा है, इन शहरों का विकास स्मार्ट सिटी के रूप में होगा। अमृत योजना में अन्य शहरों का विकास होगा। इन शहरों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने की कार्ययोजना है। अतिरिक्त संसाधन जुटाने की क्षमता निकायों को विकसित की जायेगी। उन्होंने कहा कि हम सभी बेहतर प्रयासों के साथ छत्तीसगढ़ की पहचान बनाने में सफल हुए हैं। छत्तीसगढ़ में 16वें वर्ष की यात्रा में नए विस्तार व नई उम्मीद व उर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए अनुकूल राज्य है। यह राज्य बिजली, कोयला, लोहा से भरपूर है। छत्तीसगढ़ में संसाधनों का दोहन किया जा रहा है। कृषि के साथ-साथ उद्योगों को भी बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर का व्यापार मेला देश-दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है । आने वाले समय में यह मेला और बड़े स्वरूप में होगा यह आशा व्यक्त की। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन  हरीश केडिया ने दिया। उन्होंने बताया कि यह मेला लगातार 16वें वर्ष से सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। शुरूआत में मेले में 10 व्यवसायियों ने स्टाॅल लगाये थे। लेकिन आज 500 स्टाॅल लगे हैं तथा एक लाख से अधिक लोग इस मेले में पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को यहां निःशुल्क स्टाॅल आबंटित किये जाते हैं। मेले में स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा गया है तथा प्लास्टिक एवं पाॅलीथिन का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। कार्यक्रम में मेला आयोजन में योगदान देने वाले उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र अतिथियों के हाथों प्रदान किया गया। इस अवसर पर इंडस्ट्रीयल गाइड बुक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ दीपप्रज्वलन से किया गया।
इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष  बद्रीधर दीवान, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  धरमलाल कौशिक, सांसद लखन साहू, छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष छगन मुन्दड़ा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  भूपेन्द्र सवन्नी, विधायक राजू क्षत्री, जिला पंचायत के अध्यक्ष दीपक साहू, महापौर किशोर राय एवं अन्य जनप्रतिनिधि, स्टेट बैंक के महाप्रबंधक ब्रम्ह सिंह, सिडबी के सहायक महाप्रबंधक जे.के.गुप्ता, कमिश्नर सोनमणि बोरा, कलेक्टर  अन्बलगन पी., जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल एवं अन्य पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, गमणान्य नागरिक एवं आम जनता उपस्थित थ7509efc0-dbde-40e1-bb5f-6fcf7087a130

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