ब्यूरो चीफ छत्तीसगढ़@मुकेश तिवारी(09770767103) बिलासपुर ।
जिले में निजी स्कूल बस एवं स्कूल ऑटो दे रहे दुर्घटना को निमन्त्रण  नहीं है सुरक्षा के इंतजाम निजी स्कूलों में बच्चों को पड़ने भेजने के लिए ज्यादातर अभिभावक निजी बस संचालकों की सेवा का लाभ ले रहे है लेकिन उन्हें यह नही मालूम कि इन निजी स्कूलों एवम् बस मालिकों को बच्चों की सुरक्षा से कोई लेना देना नही है बल्कि ये सिर्फ अपनी जेब भरने में लगे हुए है । आज के बढ़ते प्रतिस्पर्धा के दौड़ में हम सभी अपने बच्चों को अच्छी सुविधा का लाभ तो देना चाहते है किन्तु उनके सुरक्षा के प्रति लापरवाह है बिलासपुर में भी निजी स्कूलों में चलाये जा रहे वाहन या तो कंडम हो चुके है या फिर शासन द्वारा निर्धारित गाईडलाईन का पालन न करने के कारण उसमे अपने मासूम बच्चों को स्कूल भेजना असुरक्षित है । शासन के दिशा निर्देश के अनुसार उक्त बसों में सी सी कैमरा लगना आवशयक है ,बस के दोनों तरफ खिड़कियों में ग्रिल(जाली) होना चाहिए,जिस बस में लड़कियां आना जाना करें एक महिला केयर टेकर, बस मालिक एवम् प्रसाशन के आला अधिकारीयों एवम् पुलिसथाना सहित आला अधिकारीयों का मोबाईल नम्बर,हेल्पलाइन नम्बर, सहित ड्राइवर एवम् कंडेक्टर का नाम एवम् यूनिफॉर्म के साथ उनकी स्पष्ट पहचान होना चाहिए किन्तु इन सभी नियमों से बस मालिकों को कोई वास्ता नही है उल्टे बिना फिटनेश के अनेको बस चल रही है सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है । बीच बीच में कार्यवाही की जाती है लेकिन फिर बंद कर दी जाती कभी स्कूली बच्चों के सुरक्षा के प्रति छात्र संगठनो ने भी कभी कोई आवाज बुलन्द नही किया नतीजा आज निजी स्कूल बस के मालिक बच्चों के भविष्य एवम् सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने में लगे जन हित में तत्काल इसमें सुधार की आवस्यकता है।

जब इस मामले को लेकर बिलासपुर
डीएसपी मधुलिका सिंग से बात की गयी तो उन्होंने सुनामी न्यूज़ टीवी को बताया की सुरक्षा सप्ताह ख़त्म हो गया है लेकिन सुबह दोपहर  स्कूल बस एवं स्कूल ऑटो व् हेलमेट की जांच जरी रहेगी एवं नियम विरुद्ध पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी70108b2f-3189-4c55-9e30-7de7f57269c8

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