साल की शुरूआत यह कयास लगाया जा रहा था कि जनवरी का आगाज कड़ाके की
सर्दी के साथ होगा। लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के चलते मकर सक्रांति तक सर्दी का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 24-25 डिग्री सेल्यिस के आसपास ही टिका रहा।जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि जनवरी माह में पहले कभी भी
मौसम इतना गर्म नहीं रहा।

मौसम के बदले मिजाज को लेकर मौसम वैज्ञानिक भी हैरत में रहे। उन्हांेने ठंड के मौसम में इतनी गर्मी पड़ने पर संभावना व्यक्त की थी कि मकर संक्रांति के बाद मौसम करवट ले सकता है और तापमान में गिरने से लोगों को ठंड का एहसास होगा। उनके अनुमान हुआ भी ऐसा ही। रविवार दूसरे दिन भी कड़ाके की सर्दी ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।

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