पाकिस्तान में पेशावर की बाचा खान यूनिवर्सिटी पर आतंकवादी हमला हुआ है. बाचा खान यूनिवर्सिटी का नाम स्वतंत्रता सेनानी खान अब्दुल गफ्फार खान के नाम पर रखा गया है. आज उनकी पुण्यतिथि है और इस मौके पर यूनिवर्सिटी में मुशायरे का आयोजन होना तय था. इन्हीं तैयारियों के बीच यहां आतंकवादी हमला हो गया. आज सोशल मीडिया पर पूरे समय हैशटैग बाचा खान यूनिवर्सिटी ट्रेंड करता रहा.

वाया सोशल मीडियापाकिस्तान से आ रही प्रतिक्रियाओं में ज्यादातर शांति की दुआ और श्रद्धांजलि के संदेश रहे. इनको पढ़ते हुए यह भी समझ में आता है कि इस घटना के बाद देश में लोग दहशतजदा हैं.  पाकिस्तानी आवाम का मानना है कि यह उन्हें नष्ट करने कि साजिश है. पहले उनकी जड़ों (बच्चों) पर हमला किया गया अब उनकी शाखों (छात्रों) को खत्म किया जा रहा है.  इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार से सवाल पूछे गए कि आखिर उनकी नीतियों का खामियाजा कॉलेज जाने वाले छात्र क्यों भरें?

आज भारत में भी पेशावर का आतंकवादी हमला नेे सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. हालांकि यहां आने वाली प्रतिक्रियाएं काफी अलग-अलग मिजाज की थीं. एक तबका दुख की घड़ी में पाकिस्तान के साथ खड़ा नजर आया. वहीं दूसरे का कहना था कि पाकिस्तान अपना ही बोया काट रहा है. सोशल मीडिया के अनुसार पाकिस्तान अपनी गलतियों से कभी नहीं सीखता और पाकिस्तानियों को इसी की कीमत अदा करनी पड़ रही है. पड़ोसी देश को सलाह भी दी गई कि अगर आतंकवाद से बचना है तो उसे पालना बंद करना होगा.

पकाऊ बाबा |‏ @

पेशावर में शाम को जिन्दा घर पहुंचने वालों को ‘निशान-ए-पाक’ देने की मांग होती है.

मलीहा खान |‏ @khan_maleeha

हमें खत्म करने के लिए हमारी जड़ों पर हमला करने से बेहतर कोई और रास्ता नहीं मिला उन्हें. आखिर वो शिक्षा से ही तो सबसे ज्यादा डरते हैं.peshwar-bomb-attack-new-800x400

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