(मो० जाहिद )

गोपालगंज / हथुआ : गोपालगंज/मीरगंज : मीरगंज थाने के माझा सतई गाव में 12/11/2015 दिन बुधवार की शाम साढ़े चार वर्षीय मासूम बच्चे से अप्राकृतिक यौनाचार किया गया , इस मामले में बच्चे के पिता ने मीरगंज थाने में मामला दर्ज कराया जिसका कांड सख्या 325/15 मीरगंज थाने में दर्ज किया गया , अपने आवेदन में पीड़ित मासूम के पिता वशिष्ठ पाण्डेय ने कहा की उनका पुत्र गुनगुन बुधवार को शाम अपने दरवाजे पर खेल रहा था , इस दौरान पड़ोस एक किशोर अंगद कुमार राय उम्र सोलह साल उसे चकलेट देने के बहाने ईख के खेत में बहला फुसलाकर ले गया और उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया जब उसकी हालत खराब हो गयी तो दरवाजे पर छोड़कर फरार हो गया , बच्चे की नाजुक हालत देखते हुए उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया ,उसके बाद पुलिस ने क़ानूनी करवाई प्रारंभ कर दी जिसके तहत पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी , लेकिन मेडिकल अनुसंधान के रिपोर्ट में मामला समान्य बताया गया और अप्रकिर्तिक यौनाचार की बात गलत साबित हुई , पीड़िता के पिता वशिष्ठ पाण्डेय ने न्याय की गुहार  अनुमंडल पुलिस पधाधिकारी से लेकर , एसपी० तक के यहाँ मामले की  निष्पक्ष जाँच कर न्याय की गुहार लगाई लेकिन घटना के लगभग दो माह हो जाने के बाद भी उनको कही से न्याय नही मिल पाया तो उन्होंने अपने मासूम बेटे को न्याय दिलाने और आरोपितो कड़ी सजा दिलाने के लिए भारत के राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री, गृहसचिव , से बिहार के मुख्य मंत्री ,  पुलिस महानिदेशक पटना , राष्ट्रिय मानवधिकार आयोग नई दिल्ली और पटना के याहाँ आवेदन देकर न्याय और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है उन्होंने अपने आवेदन के माध्यम से यह कहा है की आरोपितो की गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम रही है और आरोपित पक्ष द्वारा बार – बार मेरे परिवार को केस नही उठाने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है , यह घटना अगर मासूम के साथ घटी है तो मानवता को शर्मसार कर हृदय को झकझोर देने वाली घटना है अब यहाँ पीड़ित के पिता की बात माने तो अगर मासूम गुनगुन के साथ ये घटना नही हुई थी तो उसकी हालत इतनी नाजुक क्यों थी , यह घटना तो यह साबित करती है की अगर आदमी के पास पैसे और पहुच है तो कितना भी बड़ा अपराध क्यों न हो आदमी निर्दोष साबित हो सकता है , लेकिन अगर ऐसी घटनाओं को कोइ भी अधिकारी या आदमी बढ़ावा देता है तो वह मानवता के लिए कलंक साबित होगा . अगर थाना प्रभारी की बातों को माने तो मेडिकल जाँच की रिपोर्ट में कही अप्राकृतिक यौनाचार की बात साबित नही हो पाई है जिसके चलते पुलिस अपनी करवाई नही कर पा रही है , आगर पीड़िता मासूम के पिता की बातों को मानते है तो जब ऐसी घटना नही हुई है तो वह साढ़ेचार वर्षीय मासूम की हालत नाजुक कैसे हुई ,उनके अनुसार आरोपितो द्वारा मेडिकल अनुसंधान टीम को मैनेज कर लिया गया है क्योकि आरोपित की पक्ष पैसे और पहुच वाला है , और वह पैसे के बल पर मामले को लीपापोती करने में जुटे हुए है , आरोपित को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से वरी भी कर दिया गया है , लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर कबतक समाज में दबे – कुचले लोगो को और दबाया जाएगा ,इस मासूम के पिता अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए अपनी विदेश के नौकरी छोड़कर अपने मासूम बेटे को न्याय दिलाने के लिए दर – दर कि ठोकरे खा रहे है उनका कहना है कि अंतिम सास तक आरोपित को क़ानूनी सजा दिलाकर ही दम लुगा हमेशा सत्य कि जित हुई है उन्होंने इस मामले में सबसे ज्यादा मेडीकल टीम के डाक्टरों को गुनाहगार मानते हुए इसकी निष्पक्ष जाच के लिए वरीय अधिकारियो के पास पत्र लिखा है साथ उन्होंने पुलिस से 164 के तहत बच्चे का बयान दर्ज कर न्याय कि उम्मीद कि है आखिर अब देखना यह है कि कबतक उनको न्याय मिलता है ,उन्होंने मिडिया पर भरोसा करते हुए न्याय की उम्मीद की है , लेकिन इस मामले में हथुआ  एसडीपीओ इम्तेयाज अहमद कि बातों को माने तो अभियुक्त जल्द ही सलाखों के पीछे होगे उनके गिरप्तारी के लिए छापेमारी कि जा रही है , वही केश के आईयो मो०  जकरिया के माने तो उन्हें अभी तक वरीय अधिकारियों का इस केश में कोइ निर्देश नही मिला है ,और मेडिकल रिपोर्ट में भी यह मामला साबित नही हुआ है इसलिए पुलिस के तरफ से कोइ क़ानूनी करवाई नही हो पा रही है अब यहाँ किनकी बातों में कितनी सच्चाई है यह तो पुलिस विभाग के अधिकारी ही बता सकते है

 

 

 

क्या कहते है एसडीपीओ

हमने अभियुक्तों के गिरप्तारी के लिए आदेश दे दिया है ,

जल्द ही अभियुक्त गिरप्तार कर लिए जाएगे इसके लिए कई बार छापेमारी भी कि गयी है

इम्तेयाज अहमद, एसडीपीओ हथुआ

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