पटना(1443003945 26 जनवरी 2016) – राज्य सरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घोषित  सभी सात निश्चयों को युद्ध स्तर पर कार्य करेगी। इसके लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने बिहार विकास मिशन के गठन को स्वीकृति प्रदान कर दिया है। इस आशय की जानकारी मंत्रिमंडल सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में दी।

उन्होंने बताया कि सुशासन के कार्याक्रम 2015-2020 के अंतर्गत विकसित बिहार के सात निश्चय कृषि रोडमैप, मानव विकास मिशन, कौशल विकास मिशन औद्यौगिक प्रोत्साहन और आधार भूत संरचना के विभिन्न कार्यक्रमों एवं सरकार के अन्य संकल्पों के मिशन मोड में क्रियावन्यन सुनिश्चित करने, प्राथमिकताओं को निर्धारित करने एवं निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने  हेतु नियमित अनुश्रवण के लिए बिहार विकास मिशन के गठन की स्वीकृति कैबिनेट ने दी है।

बिहार विकास मिशन की प्रमुख बातों के संबंध में उन्होंने बताया कि इसका एक  शासी निकाय होगा जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे और सभी संबंधित विभाग के माननीय मंत्री मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, प्रधान सचिव वित्त, प्रधान सचिव गृह, प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन, पुलिस महानिदेशक, सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, मिशन निदेशक एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं सचिव इसके सदस्य होंगे। प्रधान सचिव/सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग इसके सदस्य-सचिव होंगे।

मुख्यमंत्री के परामर्शी, नीति एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन, मिशन के शासी निकाय के सदस्य होंगे। वे बिहार विकास मिशन के उद्श्यों की  प्राप्ति हेतु मिशन को सहयोग करेंगे। दैनिक कार्यो के लिए इन्हें अनुसचिवीय एवं विशेषज्ञों की सेवा उपलब्ध करायी जायेगी।

श्री मेहरोत्रा ने बताया कि बिहार विकास मिशन के कार्यक्रमों के मिशन मोड में क्रियान्वयन एवं निर्धारित अवधि में लक्ष्यों की प्राप्ति हेत विभागों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तरों पर कार्यक्रम प्रबंधन, तकनीकी सहायता, अनुश्रवण तंत्र, प्रक्रिया-सरलीकरण एवं क्रियान्वयन-सुगमता के साथ-साथ समाधान देने के लिए एक विशेषज्ञ ईकाई की आवश्यकता पडेंगी। इसके लिए मिशन में परियोजना प्रबंधन निदेशक ईकाई की स्थापना की जाएगी। इस प्रबंधन ईकाई के अन्तर्गत आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ एवं पेशेवर व्यक्तियों एवं कर्मियों की सेवाएँ ली जाएगी। बिहार विकास मिशन के एक मिशन निदेशक होंगे जो राज्य सरकार के सचिव या उनसे अन्यून स्तर के पदाधिकरी होंगे और मिशन की परियोजना प्रबंधन ईकाई इनके सामान्य पर्यवेक्षण में कार्य करेगी। वे शासी निकाय एवं कार्यकारी समिति के सदस्य होंगे। मिशन निदेशक सभी उप-मिशन के भी सदस्य होंगे। दैनिक कार्यो के लिए इन्हें प्रशासनिक पदाधिकारी, अनुसचिवीय एवं विशेषज्ञों की सेवा उपलब्ध करायी जायेगी। बिहार मिकास मिशन का प्रशासी विभाग मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग होगा। इसकी बैठक प्रत्येक दो माह पर होगी। बिहार विकास मिशन द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सरकारी कार्यो, योजनाओं एवं उपलब्धियों का लोक शिक्षण हेतु प्रचार-प्रसार कराया जायेगा एवं जन संपर्क और लोक संवाद के माध्यम से लोगों की प्रतिक्रिया एवं अनुभव प्राप्त किये जायेंगे।

श्री मेहरोत्रा ने बताया कि बिहार विकास मिशन के अधीन सुशासन के कार्यक्रम 2015-2020 को मिशन मोड में क्रियान्वयन हेतु  कई उप-मिशन होंगे सबसे पहले युवा उप-मिशन में प्रधान सचिव/सचिव शिक्षा, श्रम संसाधन, योजना एवं विकास, सूचना प्रावैधिकी, विज्ञान एवं प्रावैद्यिकी, वित्त, कला संस्कृति एवं युवा विभाग सदस्य होंगे।                                  वहीं पेय जल, स्वच्छता, ग्राम एवं नगर विकास उप मिशन में प्रधान सचिव/ सचिव लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, नगर विकास एवं आवास, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, योजना एवं विकास, ग्रामीण कार्य विभाग सदस्य होंगे। मानव विकास उप मिशन में प्रधान सचिव/सचिव शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण अल्पसंख्यक कल्याण आपदा प्रबंधन विभाग सदस्य होंगे।

कृषि उपमिशन में प्रधान सचिव/सचिव कृषि, सहकारिता, पशु एवं मत्स्य संसाधन पर्यावरण एवं वन, खाद्य एवं उपभोक्ता सरंक्षण, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, ग्रामीण विकास, ऊर्जाविभाग सदस्य होंगे।जबकि उद्योग एवं व्यवसाय उपमिशन में प्रधान सचिव/सचिव उद्योग, सूचना प्रावैधिकी, पर्यटन, गन्ना उद्योग विभाग सदस्य होंगे। वहीं आधारभूत संरचना उपमिशन में प्रधान सचिव/ सचिव पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य ऊर्जा, भवन निर्माण, आपदा प्रबंधन विभाग सदस्य होंगे।

श्री मेहरोत्रा ने बताया कि लोक संवाद एवं ब्राण्ड बिहार उपमिशन में प्रधान सचिव/सचिव सूचना एवं जनसम्पर्क पर्यटन, कला संस्कृति एवं युवा विभाग सदस्य होंगे। इन सभी उपमिशनों की अध्यक्षता विकास आयुक्त करेंगे। संबंधित उपमिशन के लक्ष्यों से संबंधित सभी विभाग के प्रधान सचिव/सचिव उसके सदस्य होंगे और उपमिशन के लक्ष्यों की पूर्ति  उनकी जिम्मेवारी होगी।

सभी उपमिशन में एक उपमिशन निदेशक होंगे, जो उप सचिव या उप सचिव से अन्यून सतर के पदाधिकारी होंगे। इनका मुख्य कार्य संबंधित उपमिशन के योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत् पर्यवेक्षण हेतु विकास आयुक्त के स्तर पर बैठक का आयोजन, रिर्पोटिंग एवं डॉक्यूमेन्टेशन  होगा। इनकी सहायता के लिए तकनीकी कर्मियों की सेवाएं उपलब्ध करायी जाएगी। बिहार विकास मिशन में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यकारी समिति होगी। जिसमें उपमिशन से संबंधित सभी विभागो के प्रधान सचिव/सचिव, विकास आयुक्त, पुलिस महानिदेशक एवं मिशन निदेशक सदस्य होंगे। इसकी बैठक प्रत्येक माह होगी। प्रधान सचिव/ सचिव , मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग इसके सदस्य सचिव होगे। इस समिति की बैठक में उप मिशनवार कार्यक्रमों एवं  योजनाओं की विस्तृत समीक्षा होगी। निर्धारित लघु, मध्यम और लंबी अवधि के लक्ष्यों के विरूद्ध उपलब्धियों का अनुश्रवण होगा और गवर्निग काउंसिल के समक्ष प्रस्तुति हेतु प्रतिवेदन तैयार किया जायेगा। मुख्य सचिव सभी उप मिशन की प्रगति का सारांश प्रत्येक माह माननीय मुख्यमंत्री को भेजेगें।

बिहार विकास मिशन की कार्यकारी समिति के कार्यो के संधारण हेतु एक परियोजना प्रबंधन ईकाई होगी। इसमें प्रभारी पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियोंकी प्रतिनियुक्त की जाएगी और उनके सहायतार्थ विशेषज्ञ/ तकनीकी कर्मियों की सेवाएँ ली जाएगी। सभी संबंधित विभागों में कार्यक्रमों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रबधन, तकनीकी सहायता एवं अनुश्रवण को सुदृढ़ करने हेतु परियोजना प्रबंधन ईकाई की स्थापना की जाएगी, जो विभाग के प्रधान सचिव/सचिव के नेतृत्व में कार्य करगी।

इसके अलावा जिला स्तर पर इन कार्यक्रमों का अनुश्रवण प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक जिला पदाधिकारी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रमों की मासिक समीक्षा करेंगे एवं उनके क्रियान्वयन हेतु व समीक्षापरान्त प्रभारी मंत्री-सह- अध्यक्ष, जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में रखेंगे। जिला पदाधिकारी प्रत्येक माह कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन बिहार विकास मिशन की कार्यकारी समिति को भेजेंगे। वहीं जिला स्तर पर भी जिला पदाधिकारी के साथ परियोजना प्रबंधन ईकाई का गठन होगा जिसमें तकनीकी कर्मी एवं विशेषज्ञ की सेवाएं ली जाएगी। यह ईकाई योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रबंधन अनुश्रवण में जिला पदाधिकारी की सहायता करेगी।

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