हम सुधरेगे तो जग सुधरेगा : दिनेश कुमार पाण्डेय, प्रशिक्षु डीएसपी

(शैलेश कुमार पाण्डेय / मानवेन्द्र मिश्रा )

सिवान : सिवान जिले के  मैरवा में पदस्थापित के इस प्रशिक्षु डीएसपी दिनेश कुमार पाण्डेय के द्वारा बहुत कम समय में ही इस क्षेत्र में काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है , अपराधिक घटनाओ में काफी कमी आई है उसके साथ – साथ क्षेत्र के अवैध धंधो और मैरवा बाजार में जाम कि समस्या से लोगो को काफी मुक्ति मिली है इनके यहाँ आने से आम जानता में काफी खुशी है, तो अपराधियों और अवैध कारोबारियों में बेहद खौफ भी है ,आम लोगो के बिच पुलिस के प्रति जबरजस्त विश्वाश बढा है , इनके आने से सबसे बड़ा परिवर्तन यह दिख रहा है कि कोइ बाईक सवार आदमी चाहे वह बुढा हो या जवान हर कोइ बिना गाड़ी के कागज और हेलमेट के नही चल रहा है , लोगो के जिंदगी में चाहते है सकरात्मक परिवर्तन . इनके इस पहल से क्षेत्र के हर तबके के लोगो में है काफी खुशी .

सुनामी टाईम्स द्वारा संचालित खास मुलाकात कार्यक्रम के तहत सिवान जिले के मैरवा में पदस्थापित प्रशिक्षु डीएसपी दिनेश कुमार पाण्डेय का साक्षत्कार लिया गया , जिसमे सुनामी मिडिया ग्रुप के सारण के प्रमंडलीय ब्यूरो चीफ शैलेश कुमार पाण्डेय एवं गोपालगंज के जिला सुनामी मिडिया के जिला ब्यूरो मानवेन्द्र मिश्रा के द्वारा पुलिस कि हमारे समाज में क्या भूमिका है इस पर सवाल किया गया जिसको प्रशिक्षु डीएसपी दिनेश कुमार पाण्डेय ने काफी बारीकियों से जबाब दिया पेश है उनके साक्षात्कार के महत्वपूर्ण अंश ………….

सवाल : आप अपने बारे में बताए , कहा के रहने वाले है ,साथ ही अपकी शिक्षा – दिक्षा कहा से हुई है ?

जबाब : मै दिनेश कुमार पाण्डेय , पिता श्री शिवमूरत पाण्डेय , ग्राम नंदना , पो०- हाता , जिला कैमूर का निवसी हू मै आठवी तक अपने गाव के सरकारी मध्य विधालय में शिक्षा ग्रहण किया , उसके बाद मै टाउन हाई स्कूल भभुआ से दसवी पास किया , उसके बाद वाराणसी से इंटर पास किया उसके बाद भारतीय बयुसेना में रहकर तेरह वर्षों तक देश कि सेवा किया , अपने नौकरी के दौरान ही इतिहास और तर्कशास्त्र में स्नातक और स्नाकोत्तर कि शिक्षा ग्रहण किया , उसके बाद यू० जी० सी० नेट भी पास किया मैंने सोचा कि यही रहकर कुछ बेहतर किया जा सके तो और दो बार आई० एस० कि परिक्षा दी लेकिन अंततः सफलता नही मिली , लेकिन यहा पर जो बिहार बीपीएससी है 5355 इसमे पुरे बिहार में मेरा सातवाँ स्थान रहा .

सवाल : इतना सारा योग्यता  होने के वावजूद आपने आपना कैरियर पुलिस विभाग में ही क्यों चुना ?

जबाब : मुझे अपने देश कि तेरह वर्षों तक सेवा करने के बाद अपने राज्य बिहार में सेवा करने का मौका मिला जो मेरे लिए काफी गौरव कि बात है अगर किसी पास योग्यता है तो उसका सही उपयोग हो , मै अपनी शिक्षा और योग्यता को पुलिस विभाग में आने के बाद भी उपयोग करता हू अभी भी क्षेत्र में गस्ती के दौरान कही भी अगर स्कूल कालेज या कोइ शैक्षणिक संस्थान मिलते है तो वहा जाकर मै अपने व्यस्तम समय में भी जाकर बच्चो को शिक्षा देने का काम करता हू , यहा आने के बाद ऐसा लगता है जैसे मान लीजिए कि डाक्टर के पास जब किसी कि तबियत खराब होती है तो जाता है ,और उस आदमी को डाक्टर से एक उम्मीद होता है कि उसकी बिमारी को डाक्टर  साहब ठीक कर देगे उसी तरह से पुलिस है लोगो को कोइ भी समस्या होती है तो लोग सीधे पुलिस के पास जाते है लोगो को पुलिस से एक उम्मीद होती है कि पुलिस के द्वारा इसका निदान किया जाएगा , मेरा यह हमेशा प्रयास रहता है कि आम आदमी  के उम्मीदों पर खरा उतरु ?

सवाल : क्या आपने कभी महसूस किया है कि लोग अपराधी क्यों बनते है  और इसके क्या कारण हो सकते ?

जबाब : सबसे बड़ा कारण अभिभावक है अगर अभिभावक अपने बच्चो पर पूरी जिम्मेवारी ध्यान नही देते है तो उनके बच्चे खराब वतावरण में पड़कर गलत रस्ते पर चलने लगते है , क्योकि मै भी उसी मिट्टी से यहाँ आया हू , अगर मेरे माता पिता मुझपर ध्यान नही दिए रहते तो शायद मै आज यहाँ नही होता , जैसे कि बोला जाता है कि प्रथम पाठशाला माता पिता होते है अगर हर किसी के माता पिता सजग रहे तो बहुत हद तक समाज में सुधार हो सकता है , कुछ लोग बदले कि भावना और शोषण के शिकार होने पर अपराधी बनते है लेकिन उनका अपराध का तरीका अलग होता है .

सवाल : आप अपनी सफलता का श्रेय किनको देना चाहेगे ?

जबाब : मै अपनी सफलता का श्रेय अपने माता- पिता गुरुजनों और अपने पत्नी और बच्चो को दूगा , क्योकि दस साल पहले शादी हुई उसके बाद दो बच्चे भी हो गए और जब कभी मै पढ़ने बैठता था तो बच्चे हमे काफी सहयोग करते थे कि जाओ हटो पापा को पढ़ने तो उसके साथ – साथ माता पिता का आशिर्वाद और गुरुजन का मार्गदर्शन हमे काफी हद तक मदत किया .

सवाल : भ्रष्टाचार के आरोप पुलिस विभाग पर आजकल ज्यादा लगते है चाहे थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का मामला हो या पासपोर्ट इंकवारी के नाम पर अवैध वसूली का इस क्या कहेगे आप ?

जबाब : देखिए ऐसा नही है एक असहाय ब्यक्ति को पुलिस प्रसासन से काफी उम्मीदे रहती है और पुलिस भी अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करती है जहा तक भ्रस्टाचार कि बात है तो लोगो को भी अपनी मानसिकता बदलने कि जरूरत है क्योकि अगर हम सुधरेगे तो जग सुधरेगा , और मेरे आने के बाद इस क्षेत्र में ऐसी कोइ समस्या नही है हमे जो भी जिम्मेवारी मिली है उसको मै पूरी ईमनदारी और निष्ठा के साथ निर्वाहन करता हू .और मैने ऐसा अपने कार्यकाल के दौरान कही नही देखा है और न मै  ऐसा होने दूगा .

सवाल : पुलिस और पब्लिक के बिच एक अच्छा संबंध हो इसके लिए आपके द्वारा किस तरह कि पहल कि गयी है ?

जबाब : पुलिस और पब्लिक के बिच बिलकुल एक आच्छा संबंध होना चाहिए , पब्लिक कि जो भी पुलिस के प्रति भ्रान्तिया है उसको मै अपने स्तर से सवाद स्थापित कर दूर करने का प्रयास करता हू मै जहा भी जाता हू सीधे हर आदमी से बात चित कर उनकी समस्याओ को दूर करने का प्रयास करता हू मै आपको बता दू कि 31 दिसम्बर के दिन लोग यहा बताते है कि डीजे बजता था जिससे काफी शोर शराबा होता था , इसके लिए मैंने लोगो से घूमकर बिना बलप्रयोग किए आग्रह किया कि आपलोग डीजे न बजाए और उसके बदले आप शांतिप्रिय ढंग से मंदिर मस्जिद में जाकर प्रर्थना  कर सबकी खुशी के लिए  दुआ मागे , और लोग पूरी शांतिपूर्वक अपनी खुशी का इजहार किए कही कोइ अप्रिय घटना नही हुई . मै सड़को पर खड़े होकर लोगो कि समस्याओ को सुनता हू उनको समाज के निर्माण के लिए सुझाव देता हू और सुझाव लेता हू मै गावों में जाकर लोगो कि समस्याओं को सुनता हू और उसके निदान का प्रयास करता हू .

सवाल : अपराध को नियंत्रित करने के लिए आपके द्वारा कौन – कौन सी पहल कि गयी है ?

जबाब : देखिए अपराध को नियंत्रित करने के लिए दो पहलू है एक तो है जो अपराधी अपने रास्ते से बहक चूका है और दूसरा जो भटका नही है भटक सकता है उसके लिए हम लोगो को जागरूक कर रहे है , बच्चो को समझाते है कि पूरी मन लगाकर पढाई करो और अपने देश और समाज के लिए अच्छा करने का प्रयास करो , अभिभावकों को भी समझाता हू कि अपने बच्चो पर ध्यान दे उनको गलत रस्ते पर भटकने न दे, और जो अपराधी है उनके प्रति समाज में क़ानूनी भय पैदा कर उनके अपराध का सजा दिलाकर समाज में एक अच्छा सन्देश देने का प्रयास करते है ताकि कोइ दूसरा ब्यक्ति अपराधी न बन सके , मैंने पूरी तरह से अपनी सिमा को लगभग सील कर दिया  है , वाहन चेकिंग अभियान भी सघन तरीके से चलाया जा रहा है , जो पहले से अपराधी है उन्हें चिन्हित कर लिया गया है उनपर भी पुलिस अपने ख़ुफ़िया द्वारा नजर रखी हुई है ,

सवाल : आप हमारे सुनामी मिडिया द्वारा युवाओं को क्या सन्देश देना चाहते है ?

जबाब : हम युवाओं को सन्देश देना चाहते है कि पुरे जमकर मेहनत करे मन लगाकर पढे , बुरी आदतों से हमेशा दूर रहकर अपने समाज और देश को विकसित होने में अपना योगदान दे , युवा जिस क्षेत्र में जाना चाहते है उस क्षेत्र में पूरी मेहनत और लगन के साथ प्रयास करे , अगर ईमनदारी से उस क्षेत्र के लिए प्रयास करेगे तो परिणाम भी अच्छा होगा उनके सपनों के उड़ान मिलना निश्चित है .

बहुत बहुत धन्यवाद  आपको सुनामी मिडिया ग्रुप को समय देने के लिए ……12400763_548412615326498_3392226727115187098_n 12552737_548412858659807_9102594352726067063_n

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