दिल्ली:- पश्चिमी दिल्ली के मटियाला गांव में सन् 1956 मे जन्मे,  पिता स्व: श्री रघुवीर सिंह जी व् माता श्री चन्द्रा देवी
जी के होनहार सपुत्र श्री महेंद्र वाल्मीकि जी एक जानी पहचानी शख्सियत के व्येक्ती है, महेंद्र जी का मटियाला गांव पुश्तैनी गाँव है इनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है, पर महेंद्र वाल्मीकि जी ने अपनी महेनत व् लग्न के द्वारा समाज में नाम व् शोहरत कमाई है, श्री महेंद्र वाल्मीकि जी ने सुनामी से बात-चीत में कहा की मुझे बड़ा दुःख होता है जब में अपने समाज की दशा देखता हु, कब तक इस समाज का शोषण होता रहेगा, श्री महेंद्र वाल्मीकि जी ने कहा की देश को आजाद हुये करीबन 69 साल होने को है देश तरक्की कर गया और कर रहा है, देश 21वीं सदी की और अग्रसर है पर वाल्मीकि समाज की दशा की बात करे तो समाज हर नजर से  पिछड़ा हुआ है, चाहे वो शिक्षा का स्तर हो, आर्थिक दशा हो हर नजर से समाज पिछड़ा नजर आता है, सभी समाज व् समुदाय काफी हद तक तरक्की कर चके है और इन समाजो की तरक्की पर नजर डाले तो इस समाज की पड़े लिखे लोग, बुद्विजीवी व् समाज के साधू सन्तों का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है, श्री वाल्मीकि जी कहते है की अब समाज को बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के पद चिन्हों पर चलना होगा सब से पहेले समाज को अपने बच्चों को शिक्षित बनाना होगा और उच्च शिक्षा देनी होगी तभी समाज उन्नति कर सकता है,
सुनामी ने श्री महेंद्र वस्ल्मिकी जी से सवाल किया की आप समाज के लिये क्या कर रहे है, इस सवाल के जवाब में महेन्द्र जी ने कहा की में परिवारिक जिम्मेदारियों से मुक्त हो चुका हूँ, बस अब अरमान यह है की समाज को एक नई दिशा दी जाय और समाज के जो मौलिक अधिकार है जो देश की आजादी के बाद आज तक नही मिले है इन अधिकारो को लेने के लिये मेने भारत में घूम-घूम कर समाज को एक बेनर तले लाने का प्रयास कर रहा हूँ और भारत के कई प्रदेशो से मुझे समाज का भरपूर सहयोग भी मिल रहा है, राजनीति की बात करे तो महेंद्र वाल्मीकि जी राजनीति के भी खिलाड़ी रहे है, भारतीय जनता पार्टी में काफी जीवन वयतीत किया है भाजपा में उच्च पदों पर भी रहे है, दिल्ली के रामलीला मैदान में बुजुर्ग समाजसेवी श्री अन्ना हजारे जी के आंदोलन में भी बड़ चढ़ कर हिस्सा लिया व् दिल्ली में आम आदमी पार्टी में भी अहम भूमिका अदा कर चुके है अभी हाल ही में हुए लोकसभा चूनाव में आम आदमी पार्टी ने श्री महेंदर वाल्मीकि जी को दिल्ली की एक मात्र सुरक्षित सीट उत्तर-पश्चिम लोकसभा से टिकट भी दिया गया पर श्री महेंद्र वाल्मीकि जी ने वह टिकट वापिस पार्टी को थमा दिया, वाल्मीकि जी ने बताया की पार्टी से कोई लड़ाई नही थी बस विचारो में मतभेद होने के कारण टिकट की वापसी की गयी श्री महेंद्र जी ने कहा की टिकट वापसी समाज के हित में भी की गयी श्री महेंद्र वाल्मीकि जी ने कहा की अब मेरा राजनीति से दूर-दूर तक कोई रिश्ता नही है मै पूरी तरह से समाज के मौलिक अघिकारो की लडाई में लगा हूँ————— बाकी की बात अगले अंक में:- ब्यूरो चीफ चौधरी बनारसी दास सारवान

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