नई दिल्ली:- साकेत छेत्र में प्रज्ञानंद मार्ग पर स्थित सांई धाम     नाम से विशाल मन्दिर स्थित है इस सांई धाम के संस्थापक व् महामण्डलेश्वर श्री श्री स्वामी प्रज्ञानंद महाराज है, सुनामी को स्वामी प्रज्ञानंद जी ने बताया की सांई धाम की स्थापना सन् 1987 में हुई दिल्ली विकास प्रधिकरण से मन्दिर की जमीन आवटित कराई गयी, आज जो सांई धाम विशाल है इसमे सांई भक्तो का विशेष योगदान है, दिल्ली के साकेत छेत्र में सांई भगतो की अच्छी खासी तादाद है स्वामी प्रज्ञानंद महाराज की करीबन 70 वर्ष की आयु के है स्वामी प्रज्ञानंद जी मूलरूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले है व् शिक्षित भी है स्वामी जी ने सुनामी को बताया की पढाई पूरी होने के बाद पी. एच. डी. व् ला. की की भी पढाई की स्वामी जी ने बताया की मेरी बचपन से ही धर्म के प्रति गहरी आस्था रही है स्वामी जी ने अपने जीवन को याद करते हुए बताया की मेरी माता श्री का धर्म में  बहुत ही गहरा विश्वाश था वंही से मुझे धर्म की प्ररेणा मिली और मेरा झुकाव धर्म की तरफ बढ़ता ही चला गया जब मेरी धर्म में गहरी आस्था हो गयी तो मेरी लो सांई नाथ से लगी और मुझे सांई नाथ जी का आदेश हुआ और उनकी आपार किरपा बरसी सांई के आशीर्वाद से सांई भक्तो के कस्टो का निवारण होने लगा और सांई धाम की चर्चा दिल्ली में होने लगी और आज सांई धाम में बड़े- बड़े लोगो का आवगमन है कई बड़े राजनीति के नेता भी सांई धाम में व् स्वामी प्रज्ञानंद जी में गहरी आस्था रखते है स्वामी जी ने भारत भरमण्ड के अलावा कई देशो की भी यात्रा की है स्वामी प्रज्ञानंद महाराज जी के सेकण्डों शिष्य है स्वामी जी ने सुनामी को अपने अनुभव से भी अवगत कराया की सांई नाथ जी सीधे स्वामी जी से बात करते है ज्ञात हो अभी कुछ दिन पहले हिन्दू धर्म के सन्तों ने सांई की पूजा अर्चना व् आने वाले मन्दिर के चडावे के बारे में आपत्ति जताई थी और अच्छा खासा मुदा भी बना भारत में बहुत बहस छिड़ी इस आपत्ति व् बहस का जवाब स्वामी जी ने बहुत ही सधे हुए अंदाज में दिया और मजबूत तर्क भी दिए, आज स्वामी प्रज्ञानंद जी भारत में ही नही बल्कि पुरे देश विदेश में एक विशेष पहचान रखते है सन्त समाज में भी स्वामी जी का उच्च स्थान है व् महामण्डलेश्वर की पदमि से भी नवाजा गया है स्वामी जी के चेहरे पर एक गजब का तेज है स्वामी जी द्वारा व् साईं धाम द्वारा गुरुकुल के नाम से विधालय भी है जहा बच्चों को धर्म की शिक्षा दीक्षा दी जाती है आखो के इलाज के लिये भी अस्पताल बनाये है और भी स्वामी जी के व् सांई धाम के माधयम से और भी रचनात्मक कार्य किये जा रहे है स्वामी जी कहते है की हमारा मुख्य लक्ष्य सर्व मानव जाती का कल्याण हो स्वामी जी ने कहा की साईं धाम की और से शिरडी में भी योगदान दिया जाता है, सुनामी की टीम स्वामी जी से मिली तो स्वामी प्रज्ञानंद जी ने सुनामी की टीम को चादर उड़ाकर आशिर्वाद दिया टीम में मुख्य ब्यूरो चीफ चौधरी बनारसी दास सारवान व् साउथ दिल्ली के ब्यूरो श्री देविन्दर वर्मा, जी व् जय प्रकाश, जी व् कैमरा मेंन प्रदीप मौजूद थे अगले अंक में स्वामी प्रज्ञानंद जी के विचारो से आपको अवगत कराया जाएगा:- सारवानca886ee0-2e18-4ad8-a615-be96f7b32900 a599bbd1-d5d3-46ed-93bc-751cf09ef334

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