Viveksingh) कानपुर। जनता की समस्याओं को पुलिस सुनती है कि नहीं, इसका जायजा लेने डीएम गुरुवार को कोतवाली थाने पहंुच गये। उनके आने की खबर मिलते ही पुलिस कर्मियों में हड़कम्प मच गया और दीमक खा रही फाइलों को सुधारने में कर्मी जुट गये। लेकिन डीएम के सामने कोतवाली पुलिस की मेहनत असफल हो गयी और निरीक्षण के दौरान उनके हाथ में अपराध रजिस्टर लग गया। रजिस्टर में कमियां मिलने पर डीएम ने कोतवाल को जमकर फटकार लगायी और जल्द ही थाने में आने वाली शिकायतों केे निस्तारण करने के निर्देश दिये।

डीएम कौशल राज शर्मा सुबह कोतवाली थाने औचक निरीक्षण के लिए पहंुच गये। उनको थाने में देखते ही मुंशी व अन्य सिपाहियों में हड़कम्प मच गया। डीएम
अपनी कार से उतरते ही कंप्यूटर पर काम कर रहे सिपाही आपरेटर के पास पहंुच गये और जानकारी लेने लगे। इस पर आपरेटर अभिलाष बाजपेई ने बताया कि जो भी एफआईआर होती है उसे रोजना फीडिंग की जाती है। इसके बाद डीएम ने वार्षिक
रजिस्टर देखा, जिसमें 2011 के मामलों का निस्तारण नहीं हो पाया था व पिछले वर्ष 31 दिसम्बर से अब तक के 86 एफआईआर का अभी तक निस्तारण नहीं हुआ।

पुलिस कर्मियों की इस लापरवाही को देखते हुए डीएम ने कोतवाली इंस्पेक्टर हरीराम वर्मा को जमकर फटकार लगायी और जल्द ही निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही डीएम ने अन्य थानों से आने वाली विवेचनाओं, इनामी अपराधी, जीडी रजिस्टर, त्यौहार रजिस्टर आदि को देखा। उन्होंने त्यौहार रजिस्टर में सभी निकलने वाले परम्परागत शोभा यात्राओं व जुलूसों के रूट को रुट चार्ट बनाकर रजिस्टर में चस्पा कराने को कहा। जिससे यात्राओं व जुलूसों का रुट किसी दूसरी जगह से न निकले। उन्होंने हिस्ट्रीशीटर चार्ट को भी देखा। डीएम ने बड़ी फ्लैक्स में पूरे चार्ट को लिखवाने के लिए इंस्पेक्टर को निर्देश दिये।

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