बेंगलुरु। विप्रो के तीन कर्मचारी कोलकाता में अरेस्ट हो गए हैं। तीनों पर इंग्लैंड के टेलिकॉम क्लायंट टॉकटॉक के कस्टमर रिकॉड्र्स की सुरक्षा में सेंध लगाने का आरोप है। इस मामले के सामने आने से दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो को काफी नुकसान हो सकता है। टॉकटॉक के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी विप्रो के साथ अपने रिश्ते पर नए सिरे से विचार कर रही है। आपको बता दें कि टॉकटॉक आईटी कंपनी विप्रो की क्लाइंट है और वो इस कंपनी के कॉल सेंटर का काम देखती है।
16549 करोड़ रुपए की कंपनी है टॉकटॉक
  • -टॉकटॉक फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड और वॉइस टेलिफोनी सर्विसेज देने वाली बड़ी कंपनी है।
  • – जिसका रेवेन्यू 1.7 बिलियन पाउंड (करीब 16549 करोड़ रुपए) है।
  • – अक्टूबर महीने में टॉकटॉक साइबर हमले का शिकार हुई है, जिसमें उसके पर्सनल और फाइनेंसिअल डिलटेल्स खंगाले गए।
  • – इन डिटेल्स में 1,57,000 ग्राहकों के बैंक अकाउंट की सूचना भी शामिल है।
1 फरवरी को सीईओ का पद संभालने वाले हैं नीमचवाला
  • – नीमचवाला ने कहा कि पहले हमें इस मामले की पूरी जांच करनी होगी।
  • – 1 फरवरी को विप्रो के सीईओ का पद संभालने वाले हैंङअबिदाली नीमचवाला।
  • – इंडस्ट्री ऐनालिस्ट्स का कहना है कि नीमचवाला को बीपीओ ऑपरेशंस पर आंतरिक नियंत्रण को कठोर करना होगा।
  • – हो सकता है वह वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई भी करें ताकि क्लायंट्स की चिंताओं को दूर किया जा सके।
  • – अपने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से पीछे चल रहे विप्रो के लिए अभी का वक्त अपना ग्रोथ रेट बढ़ाने का है।
ऐसे पकड़ में आई हैकिंग
  • – यह हैकिंग तब पकड़ में आई जब अक्टूबर में साइबर हमले का शिकार होने के बाद टॉकटॉक ने अपने सभी ऑपरेशनों का फॉरेंसिंक रिव्यू करवाया।
  • – यह रिव्यू इस बात की पुष्टि के लिए करवाया गया था कि सप्लायरों समेत टॉकटॉक की हर तरह की सुरक्षा पूरी तरह दुरुस्त है।
  • – उसने साइबर हमले की जांच के लिए डिफेंस कंपनी बीएई सिस्टम्स की सेवाएं ली थीं।

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