इस्लामाबाद. पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के लिए कोई मैरिज एक्ट नहीं है। लिहाजा ये लोग तमाम तरह की कानूनी पेचीदगियों से जूझ रहे हैं। अब पाकिस्तान के ही एक अखबार ने इस मुद्दे ने उठाया है। अखबार ने कहा है कि इस मामले को लेकर सरकार केवल बातें करती है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
किस ने उठाया मुद्दा….
– पाकिस्तान के एक अखबार ने माइनोरिटीज, खासतौर पर हिंदू महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार के वादे पर सवाल उठाए हैं।
– पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ में हिंदू मैरेज बिल नाम से आर्टिकल में कहा गया, कई नेता माइनोरिटीज के हक की बात तो पुरजोर तरीके से उठाते हैं, लेकिन जब इनकी सिक्युरिटी की बात आती है, तो उनमें से कुछ ही नजर आते हैं। इसकी एक मिसाल हिंदू मैरिज एक्ट का मुद्दा है।
– अखबार ने लिखा है, इस वक्त पाकिस्तान में रहने वाले लाखों हिंदुओं के लिए कोई मैरिज एक्ट नहीं है। यह कानूनी कमी पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए कई दिक्कतें पैदा करती हैं।
खासकर इस कम्युनिटी की महिलाओं के लिए
– अखबार ने आगे लिखा है कि हिंदू महिलाओं को अफसरों के सामने अपने रिश्ते साबित करने में दिक्कत आती है। खासकर विधवा महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है। शादी का आधिकारिक सबूत होने से उनके लिए कई तरह के सरकारी दस्तावेज हासिल करना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
– आर्टिकल में आगे लिखा है कि बुधवार को एक सेमिनार में नेशनल असेंबली की स्टैंडिंग कमेटी ऑफ लॉ एंड जस्टिस के चेयरमैन ने यह मसले उठाए, जिन्हें संभवत: हाउस में पेश किए गए हिंदू मैरेज बिल को पास करना है। इसके बावजूद वह कमेटी को सहमति तक लाने में नाकाम रहे।

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