केंद्र में एनडीए सरकार के 18 महीने के कार्यकाल के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता कायम है। देश का मिजाज भांपने के लिए हुए एक ताजा सर्वे में 62 फीसदी लोगों ने उन्हें सबसे बेहतर नेता माना है। यही नहीं, उन्हें आजादी के बाद सबसे बेहतर प्रधानमंत्री भी करार दिया। सर्वे के मुताबिक, अगर सीटों के हिसाब से आंका जाए तो आज चुनाव होने पर एनडीए को 38 फीसदी वोटों के साथ 301 सीटें मिल सकती हैं। जबकि वर्ष 2014 में गठबंधन को 339 सीटें मिली थीं। वहीं यूपीए को 28 फीसदी वोटों के साथ 108 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि वर्ष 2014 में उसे 62 सीटें मिली थीं।

कामकाज को 54 फीसदी ने अच्छा बताया
सर्वेक्षण के अनुसार, अगर प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के कामकाज के प्रदर्शन की बात की जाए तो 54 फीसदी ने इसे बेहतर माना। इसमें 17 फीसदी ने इसे बहुत अच्छा और 37 फीसदी ने इसे अच्छा बताया है। जबकि 30 फीसदी ने इसे औसत करार दिया है। वहीं 11 फीसदी ने इसे खराब और तीन फीसदी ने उनके प्रदर्शन को बेहतर खराब बताया। इसी प्रकार, पूरी एनडीए सरकार के कामकाज को 46 फीसदी ने बेहतर बताया। इसमें 12 फीसदी ने इसे बहुत अच्छा और 34 फीसदी ने इसे अच्छा बताया। जबकि 35 फीसदी ने कामकाज को औसत ठहराया। वहीं 12 फीसदी ने सरकार के प्रदर्शन को खराब और चार फीसदी ने इसे बेहद खराब करार दिया। सर्वेक्षण में अच्छे दिन के बारे में रायशुमारी कराई गई और 50 फीसदी ने इसके खिलाफ राय जाहिर की, जबकि 42 फीसदी ने माना कि अच्छे दिन आए हैं।

विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव
विदेश नीति की बात की जाए तो  50 फीसदी ने माना कि इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। लेकिन पठानकोट हमले में पाकिस्तान के कार्रवाई के भरोसे पर जनता की राय उलट दिखी। 61 फीसदी ने कहा कि भारत को इस मामले में पड़ोसी मुल्क पर यकीन नहीं करना चाहिए।

काले धन पर विफल रही सरकार
अगर काले धन वापसी की बात की जाए तो 41 फीसदी ने माना कि मोदी सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल रही है। जबकि 43 फीसदी ने इससे अलग राय रखी। सर्वेक्षण में 19 बड़े राज्यों में 109 संसदीय क्षेत्रों के 16732 लोगों से राय ली गई। यह सर्वेक्षण आठ से 13 जनवरी के बीच कराया गया।

आजादी के बाद सबसे बेहतर पीएम
नरेंद्र मोदी: 32 %
इंदिरा गांधी: 23 %
अटल बिहारी वाजपेयी: 21 %

सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी: 58 %
राहुल गांधी: 11%
सोनिया गांधी: 04 %
अरविंद केजरीवाल: 04 %

अर्थव्यवस्था सुधरी
सहमत: 48 %
असहमत : 41 %
कह नहीं सकते: 11 %
रिश्ते सुधारने के लिए लाहौर यात्रा सही पहल
हां: 53 %
नहीं: 35%
कह नहीं सकते: 12 %

पठानकोट हमले से सही ढंग से निपटा गया
बेहतर तरीके से निपटा: 32 %
और अच्छे तरीके से निपट सकते थे: 36 %
अच्छे तरीके से नहीं निपटे : 15 %
कह नहीं सकते: 17 %

सरकार का प्रदर्शन बढि़या
खुश: 57 %
नाखुश: 37 %
कह नहीं सकते: 06 %

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