हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दलित छात्र रोहित वेमुला के खुदकुशी मामले में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी यूनिवर्सिटी में जारी चार छात्रों की भूख हड़ताल में शामिल हो गए हैं। ये लोग कुलपति अप्पा राव को बर्खास्त करने और गिरफ्तार करने की मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं।

आखिर एक दलित छात्र को किस कारण खुदकुशी करनी पड़ी और उसके दोस्त भूख हड़ताल पर क्यों बैठे हैं? इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी 5 बातों पर एक नजर-

1- हैदराबाद युनिवर्सिटी के पीएचडी के छात्र वेमुला ने छात्रावास में खुदकुशी कर ली थी। इसके विरोध में युनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का आरोप है कि रोहित ने यह कदम उसके साथ हुए भेदभाव व सामाजिक बहिष्कार की वजह से उठाया। विद्यार्थियों ने कहा कि रोहित व चार अन्य विद्यार्थियों का युनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बहिष्कार कर दिया था। अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन (एएसए) के इन पांचों विद्यार्थियों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेताओं के साथ हुए उनके झगड़े के बाद निलंबित और बाद में छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया था।

2- एएसए का आरोप है कि केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को इस घटना के बाबत एक पत्र लिखा था, जिसके बाद पांचों छात्रों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। हालांकि स्मृति ईरानी ने छात्रों पर निलंबन की कार्रवाई करने के लिए युनिवर्सिटी प्रशासन पर दबाव डालने के आरोपों से इनकार कर दिया।

पढ़ें: खुदकुशी से पहले लिखा गया वेमुला का पत्र

3- स्मृति ईरानी के बयान के बाद से राजनीति शुरु हो गई। कांग्रेस, आप समेत कई विपक्षी दलों ने पीएम मोदी से ईरानी और दत्तात्रेय को तत्काल कैबिनेट से बाहर करने की मांग की। साथ ही युनिवर्सिटी के वीसी पी अप्पा राव को भी हटाने की मांग करने लगे। पांच दलित छात्रों के निलंबन और वेमुला की खुदकुशी के बाद से राव का विरोध तेज हो गया, ऐसे में वीसी राव छुट्टी पर चले गए। उनकी अनुपस्थिति में विपिन श्रीवास्तव को अंतरिम वीसी नियुक्त कर दिया गया। लेकिन वे भी छुट्टी पर चले गए तो उनकी जगह प्रोफेसर ए एम पेरियासामी युनिवर्सिटी का कामकाज देखेंगे।

4- विरोध बढ़ता देख हैदराबाद युनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद ने चार दलित शोधार्थियों का निलंबन वापस ले लिया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी वेमुला की आत्महत्या से संबंधित घटनाक्रमों की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग के गठन का फैसला किया। इसी बीच प्रसिद्ध लेखक अशोक वाजपेयी ने इस विश्वविद्यालय से मिली डी लिट की उपाधि लौटाने की घोषणा कर दी। वेमुला के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।

5- रोहित वेमुला ने खुदकुशी से पहले लिखे पत्र में कहा था कि उसे पिछले सात माह से फैलोशिप नहीं मिली थी। उसने पत्र में यह भी कहा कि वह कार्ल सागान जैसा विज्ञान लेखक बनना चाहता था।

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