अगर आपकी रुचि मेडिकल क्षेत्रों में है और अगर आप इसमें कुछ हटकर करना चाहते हैं तो ऑक्यूपेशनल थैरेपी कोर्स कर सकते हैं.

क्या है ऑक्यूपेशनल थैरेपी?
ऑक्यूपेशनल थैरेपी शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम लोगों को उनकी रोजाना की जिंदगी को सुगम बनाने में मदद करती है. इसकी जरूरत ऑटिज्म या इमोशनल डिसऑर्डर के शिकार हुए बच्चों और न्यूरोलॉजिकल या साइकेट्रिक डिसऑर्डर से प्रभावित युवाओं को होती है.

ऑक्यूपेशनल थैरेपी से संबंधित कोर्सेज:
इस कोर्स में पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट्स का साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास होना जरूरी है. इस कोर्स में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया जा सकता है. इस कोर्स में एंट्रेस एग्जाम के द्वारा ही स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलता है.

किन क्षेत्रों में मिल सकती है नौकरी?
ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट को सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, मेंटल हेल्थ केयर सेंटर, रिहेबिलेशन सेंटर, एडल्ट डे केयर में नौकरी मिल सकती है. थैरेपिस्ट या कंसल्टेंट के रूप में अगर आप चाहें तो अपना क्‍लीनिक भी खोल सकते हैं.

कहां कर सकते हैं पढ़ाई?
राष्ट्रीय पुनर्वास प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, कटक
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड एजुकेशन रिसर्च, पटना
इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर
दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, दिल्ली

ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्टों की मांग भारत में तेजी से बढ़ रही है, लेकिन प्रोफेशनल्‍स की बेहद कमी है. यही वजह है कि इस पेशे में रोजगार की काफी संभावनाएं  हैं.

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