• मामला कफन कि राशि में भारी गबन का
  • सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मागने पर हुआ मामले का खुलासा

गोपालगंज / बरौली :

-कफन कि राशि में भी हुई भारी गबन

-स्वर्ग में हुई है वृधा पेशन के राशि कि भुगतान

-आरोप सही पाए जाने के बाद भी नही हुई करवाई

गोपालगंज / बरौली : गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाने के बिशनपुरा पचायत में पचायत सचिव और मुखिया जी कि सता में पहुच कहे या अधिकारीयों कि मनमानी आज तक उनपर लगे सारे आरोप सही पाए जाने के बाद भी कोइ क़ानूनी करवाई नही कि गयी ,यहा के आरोप के बारे में आप जानेगे तो दंग रह जाएगे , यहा स्वर्गवास हुए लोग भी वृधा पेंशन का लाभ स्वर्ग में बैठकर ले रहे है , और तो और कबीर अन्तोदेष्टि योजना के तहत कफन के पैसे में भी गबन हुआ है , इस पंचायत में अप्रैल 2012 से जून 2013 तक मोसमात सातुर निशा ग्राम विशनपुरा को मृत्यु के बाद भी बाईस सौ रूपये पेशन दी गयी , इसी तरह जानकी देवी को सोलह सौ रूपये का भुगतान मरने के बाद भी दिया गया , इस पंचायत के एपीएल धारक को कबीर अन्त्देयती का भुगतान किया गया है हलाकि इस मामले में लाभुक पैसा लेने से इंकार कर दिया है , बता दे कि इसी पंचायत के इनायत मिया कि मरने के बाद उसके बेटे मो आलम को भुगतान करने का प्रपत्र पंचायत सचिव द्वारा जमा किया गया इसमे पैसे का भुगतान मो० आलम के निशान पर कि गयी और जब मामला सामने आया तो सचिव में अनजान बनकर दी गयी राशि को वसूलने कि बात कही और मजे कि बात यह है कि रिकबरी कि गयी राशि पर मो आलम का हस्ताक्षर है यहा जो हस्ताक्षर करना ही नही जानते है वो हस्ताक्षर कैसे कर दिए है , इस पुरे प्रकरण में पंचायत सचिव रामआशीष चौधरी पर सात आरोपों को सही पाते हुए  प्रखंड विकास पधाधिकारी ने प्रपत्र क गठित करने के लिए पंचायत राज पदाधिकारी को अनुसंशा कर दी है , लेकिन मामले में अभी तक कोइ क़ानूनी करवाई न होने पर आर० टी० आई० कार्यकर्ता और ग्राम विशनपुरा के पैठान टोला के परवेज आलम खा ने जिला पधाधिकारी श्री राहुल कुमार को पत्र लिखकर उचित करवाई करने कि माग कि है , अपने लिखे गए पत्र में परवेज आलम खा ने कहा है महाशय यह मामला प्रसासन के साथ धोखाधड़ी एवं सरकारी राशि के लुट का है , यह अत्यधिक खेद जनक है अत: श्रीमान से आग्रह यह है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित वाछित करवाई कर आज से दस दिनों के अंदर मुझे डाक से सूचित करने कि कृपा कि जाय , अन्यथा समय समाप्ति के बाद बाध्य होकर मै न्यालय में  शरण लूगा , क्योकि आखिर इन दोषियों के खिलाफ मामला अधिकारियो के जाच में सिद्ध हो चूका है तो क़ानूनी करवाई में इतनी देर क्यों हो रही है , इस मामले में जिला प्रसासन के द्वारा क़ानूनी करवाई में हो रही देरी से जिला प्रसासन कि एक अच्छी छवि जानता के बिच धूमिल हो रही है जिससे क्षेत्र के तामम गरीब जानता का विश्वाश जिला प्रसासन के प्रति दिन पर दिन कम होते जा रहा है , हजूर आखिर इस क़ानूनी करवाई के देरी के कारण क्या है , आखिर आम आदमी को कबतक न्याय मिलेगा ,

अगर आर० टी० आई० कार्यकर्ता परवेज आलम के कि बातों और उनके द्वरा लिखित पत्रों को आधार माने तो उनके अनुसार इस संगीन मामले में क़ानूनी करवाई के लिए प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक के अधिकारियो द्वारा कई बार दोषियों के खिलाफ उचित क़ानूनी करवाई के लिए कई बार गुहार लगा चुके है लेकिन अधिकारीयों द्वारा इस मामले कि जाँच कर केवल अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया लेकिन अभी तक कोइ क़ानूनी करवाई नही हुई ,  आखिर इसे क्या कहा जाएगा अधिकारियो के साथ दोषियों कि मिलीभगत या दोषी ब्यक्तियो कि उची राजनीतिक पहुच ,  आज जहाँ पुरे देश में जनलोकपाल लागु करने कि माग हो रही है , सूचना के अधिकार अधिनियम कानून को लागू कर सारकार प्रतिदिन लोगो में इस कानून के प्रति जनजागरूकता लेन के लिए विशेष अभियान चला रही है , लेकिन इस कानून का कही दुरूपयोग हो रहा है तो कही सही उपयोग लेकिन आज अभी देश में आम आदमी को उनका वाजिब हक आसानी से नही मिल रहा है , इसके लिए देश के सभी वर्ग के लोगो को अपनी मानसिकता बदलने कि जरूरत है तब जाकर हर आम आदमी को उनका वाजिब हक मिल पाएगा

 

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