दयनीय हाल में हैं सरिया के बिरहोर परिवार

सरियाप्रखंड के पीपराडीह अमनारी कालापत्थर बिरहोरटंडा में रहनेवाले लुप्तप्राय आदिम जनजाति बिरहोर की स्थिति काफी दयनीय है। उनके कल्याण के नाम पर समय-समय पर कई योजनाएं चलाई जाती है, लेकिन योजनाएं धरातल पर कितनी उतरती हैं यह उनकी स्थिति देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। तो खाने को उन्हें सही से आहार मिल पा रहा है और ही तन ढंकने को ढंग से कपड़ा। शिक्षा और रोजगार की तो बात ही करना बेमानी है। रहने को आवास तो हैं पर वह भी आधा-अधूरा ही बना है। जिसमें दरवाजे तो लगे ही नहीं है। इस कंपकपाती ठंड में भी वो जमीन पर सोने को मजबूर है। सरिया के मंदरामो स्थित कालापत्थर बिरहोर टंडा के बिरहोरों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। यहां एक प्राथमिक विद्यालय एक आंगनबाड़ी केन्द्र भी है पर प्रोत्साहन के अभाव बिना जागरूकता के बिरहोर बच्चे पढऩे ही नहीं जाते। वहीं अमनारी बिरहोर टंडा में भी लोगो का जीवनस्तर काफी निम्न है। हालांकि यहां बुधन बिरहोर, सोमर बिरहोर समेत कुछ तेज तर्रार लोग भी हैं। जिसके कारण इनकी स्थिति कालापत्थर के बिरहोरों से कुछ हद तक ठीक है। ये रस्सी बनाकर और मजदूरी करके किसी प्रकार अपना जीवनयापन करते है। .ये झारखणड सरकार को नजर नही आ रही है.                        मैै अमिताभ शरमा गिरिडीह झारखणड से

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