सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के गिरगांव चौपाटी में ‘मेक इन इंडिया सप्ताह’ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते यहां आयोजन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। गौरतलब हो कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।

सुप्रीम कोर्ट में आज चीफ जस्टिस तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। इससे पूर्व सॉलिसीटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य महाराष्ट्र में निवेश को आकर्षित करना है और पहले भी गिरगांव तट पर कुछ आयोजनों की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ ही पांच या छह राष्ट्रों के अध्यक्षों के भी 13 से 18 फरवरी के दौरान होने वाले इस आयोजन में शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का हिस्सा है।
गौरतलब हो कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह राज्य सरकार को गिरगांव चौपाटी पर यह आयोजन करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था। समुद्र तट पर गतिविधियों की निगरानी के लिए 2001 में उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने राज्य सरकार की अर्जी पर विचार के बाद कहा था कि उसे उच्च न्यायालय से ही अनुमति लेनी होगी। अदालत द्वारा नियुक्त इस समिति ने गिरगांव चौपाटी पर आयोजित होने वाली गतिविधियों और कार्यक्रमों के बारे में 2005 में कुछ दिशानिर्देश पेश किए थे।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आयोजन की अनुमति देने से इंकार करते हुये कहा था कि इस तरह के आयोजन की अनुमति देना समिति के दिशानिर्देशों को गलत करना होगा। राज्य सरकार ने अपनी अर्जी में कहा था कि गिरिगांव चौपाटी पर 14 फरवरी को ‘महाराष्ट्र नाइट’ के आयोजन का प्रस्ताव है जिसमें राज्य की कला, संस्कृति और औद्योगिक विकास का प्रदर्शन किया जाएगा। अर्जी में कहा गया था कि इस आयोजन का समापन लेजर शो और आतिशबाजी आदि से होगा।

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