सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया अब्दुल अजीज उर्फ गिद्दा कई जिहादी लड़ाइयां लड़ चुका है. इस बात खुलासा उसने पूछताछ के दौरान किया है. बाद अजीज को हैदराबाद पुलिस के हवाले कर दिया गया.

लश्कर ने बनाया जिहादी
अब्दुल अजीज ने लखनऊ में पूछताछ के दौरान अधिकारियों को बताया कि वह पहले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सम्पर्क में आया था. संगठन से जुड़ने के बाद उसे जिहादी बनने की प्रेरणा मिली. और तभी से वह इस रास्ते पर चल पड़ा.

जंग में हुआ था शामिल
आतंकी अजीज ने खुलासा करते हुए बताया कि वह जिहाद के तहत लड़ाई लड़ने के लिए चेचेन्या और बोस्निया भी गया था. उसने इस तरह की कई लड़ाइयों में हिस्सा लिया. उसने बताया कि वह इराक में चल रही लड़ाई में भी शामिल होना चाहता था. मगर ऐसा नहीं हो सका.

फर्जी पासपोर्ट मामले में हुआ था गिरफ्तार
हैदराबाद पुलिस ने अजीज के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट बनवाने का मामला दर्ज किया था. बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. तब अजीज कुछ और आतंकियों के पासपोर्ट बनवाना चाहता था. अजीज ने अधिकारियों को बताया कि वह मूल रूप से हैदराबाद का ही रहने वाला है. उसके पिता मेहताब अली वहां पुलिस में सिपाही थे.

मोस्ट वांडेट आतंकी है अब्दुल अजीज
बताते चलें कि लखनऊ से गिरफ्तार हुए अब्दुल अजीज का नाम उस आतंकवादी सूची में शामिल है, जिसे केन्द्र सरकार ने पाकिस्तान को भेजा था. केन्द्र सरकार ने इन आतंकवादियों को भारत को सौंपने की मांग की थी. लेकिन इसी बीच यूपी और तेलंगाना पुलिस को बड़ी सफलता मिल गई.

भारत के खिलाफ सक्रिय है लश्कर-ए-तैयबा
अजीज ने आतंक की राह पर चलने के लिए लश्कर का सहारा लिया था. पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा भारत में सक्रिय सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन है. इसके आतंकी समय-समय पर भारत में कहर बरपाते रहे हैं. इसका सरगना हाफिज मोहम्मद सईद है, जो पाकिस्तान के लाहौर में बैठकर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता है.terrorist-s_650_020416010118 (1)

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