पटना. बिहार के जेलों में शराब से लेकर कबाब तक, हथियार से लेकर अफीम तक आपको चुटकी बजाते मिल सकती है। बस पॉकेट में पैसा होनी चाहिए। पैसा रहने पर जेल में छापेमारी से पहले ही इसकी सूचना भी कैदी को दे दी जाती है। इतना ही नहीं जेल प्रशासन छापेमारी के समय अवैध समानों को छिपाने में मदद भी करते हैं। यह खुलासा औरंगाबाद जेल में दो गुटों के बीच हुई मारपीट के बाद हुआ।
कैदी के अनुसार- जेल का रेट चार्ट
– जेल में बंद कैदी ने कहा कि जेल में हर वो सामान मिलेगा जो आपको चाहिए।
– वार्ड- दो हजार में।
– शराब- एक हजार से दो हजार तक में
– साधारण मोबाइल के प्रवेश के लिए – एक हजार
– स्मार्ट फोन के प्रवेश के लिए- तीन हजार
– गांजे की पुड़िया- एक हजारकैसे पहुंचता है
– कैदियों के मुताबिक औरंगाबाद में इस कारोबार को कुख्यात अपराधी ढ़नढ़न सिंह चलाता है।
– हिस्सा जेल प्रशासन के लोगों को भी जाता है।
– पद के हिसाब से हर किसी को मिलता है इसका शेयर।
– जेल में अगर जिला प्रशासन की छापेमारी होती है, तो इसकी सूचना भी पहले दे दी जाती है।
– अवैध समानों को छापेमारी से पूर्व छिपाने में जेल के लोग ही मदद करते हैं।
– इस काम में जेल के दबंग कैदी लगे होते हैं, इन्हें जेल प्रशासन का सहयोग मिलता है।jail1_1454565137

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