बिलासपुर । दूसरे राज्यों में कमाने-खाने जाने वालेमजदूरों की संख्या फिर बढऩे लगी। इस साल अल्प वर्षा के कारण जिले के कई इलाके सूखे की चपेट में आ चुके हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड में मजदूर अपने परिवार सहित दिखने लगे हैं। शासन द्वारा संचालित मनरेगा कार्यक्रम भी पलायन के लिए उठे कदमों को रोक पाने में नाकाम साबित हो रहा है। अभी भी जिले में मनरेगा की लाखों की मजदूरी अटकी पड़ी है, अधिक मजदूरी, अग्रिम राशि के लालच में मजदूर अन्य राज्यों में जा रहे हैं। अपंजीकृतश्रमिक ठेकेदारों की भी इस कार्य में अहम भूमिका है। जिले भर में केवल 20 पंजीकृत ठेकेदार हैं बाकि अवैधरुप से मजदूरों का पलायन करा रहे हैं इसके एवज में ठेकेदार ईंटभटठा मालिकों से मोटी रकम वसूलते हैं। इन कार्यों पर श्रम विभाग न जिला प्रशासन रोक लगा पा रहा है।मजदूरों का पलायन फिर शुरू हो गया है। इस वर्ष अधिक संख्या में जिले से मजदूर पलायन कर सकते हैं। क्योंकि अल्प वर्षा के कारण फसल लगभग चौपट हो गई है। फसल की कटाई व मिसाई हो चुकी है और मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में जाना शुरू कर चुके हैं। शासन की स्वरोजगार व रोजगार गारंटी योजनाएं भी इन मजदूरों को नहीं रोक पा रही है। आज की स्थिति में भी लाखों रूपए मनरेगा की मजदूरी का भुगतान शासन नहीं कर पाया है। अग्रिम राशि प्राप्त कर और ऊंची मजदूरी दर में जिले सेमजदूर पलायन कर रहे हैं और इनके सरदार मोटा कमीशन मालिकों से ले रहे हैं। कई अवैध लेबर सरदार सक्रिय हैंजिस पर श्रम विभाग की नजर ही नहीं पड़ रही है और ये सैकड़ों मजदूर अपने साथ अन्य प्रदेश लेकर जा रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार मुश्किल से दर्जन भर लेबर सरदारों ने अपना पंजीयन करवाया है। सरदार 15-20 मजदूरों का पंजीयन करवाते हैं और अपने साथ सैकड़ों मजदूर लेकर जाते हैं। जिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कीजाती है।रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड व अन्य जगहों पर पुलिस द्वारा भी कार्रवाई नहीं की जा जाती है और आपसी सांठगांठ से सरदार आसानी से जिले के मजदूरों को ले जाते हैं। शासन की रोजगार गारंटी योजना भी इन मजदूरोंको रोकने में नाकाम है। जबकि शासन का दावा है कि 100-200 दिन काम मजदूरों को दिया जा रहा है। लेकिन सिर्फ काम देना ही पर्याप्त नहीं है। मजदूरी भी उनको तुरंत मिलनी चाहिए यहां तो चार-छ: माह से मजदूरी का भुगतान हीं नहीं होता, ऐसे में मजदूरों को काम में रुचि नहीं रह जाती

जब इस मामले को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष बिलसपुर से बात की गयी तो उन्होंने ने सुनामी मीडिया से बातचीत की कुछ सवाल जबाब ।
* क्या कारण है की जिले से लगातार मजदूर पलायन कर रहे है ?
# ऐसा कोई कारण नहीं है जोभी मजदूर पलायन करते है शोक से करते है काम की कमी नहीं है ।
* मजदूर कहते है की सरकार मजदूरी नहीं देती तो क्या खायेगे ।
# हा मजदूरी में कई बार लेट हो जाता है नियम 15 दिन का है लेकिन सरपंच रोजगार सहायक की लापरवाही के कारण हो जाता है । ऐसे मामले सामने आने से तुरंत निपटने की कोसिस की जाती है ।

(दीपक साहू जिला पंचायत अध्यक्ष बिलासपुर छग)

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