उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी और उनके तीन सहयोगियों को तीस हजारी कोर्ट ने मकोका मामले में बरी कर दिया. दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ 2009 में यह मामला दर्ज किया था.

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में गुरुवार को इस हाई प्रोफाइल मामले पर अतिरिक्त सत्र न्यायधीश चन्द्र शेखर ने फैसला देते हुए कहा की दिल्ली पुलिस मकोका का आरोप साबित करने में पूरी तरह नाकाम रही. अदालत का यह फैसला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के लिए बड़ा झटका है.

अदालत ने यूपी के बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी, प्रेम प्रकाश उर्फ़ मुन्ना बजरंगी, मेराज और इफ्तिखार को मकोका के मामले में बरी कर दिया. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 7 नवंबर 2009 को यह मामला दर्ज किया था.

7 नवंबर को ही शार्प शूटर मुन्ना बजरंगी को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद पहले से ही कृष्णानंद राय हत्याकांड में गिरफ्तार मुख्तार अंसारी को स्पेशल सेल ने मकोका मामले में 15 मई 2010 को आरोपी बनाया था.

मई 2012 में मकोका के इस मामले में आरोप तय हुए थे. पुलिस ने आरोप लगाते हुए अदालत में कहा था की ये सभी मिलकर हत्या और उगाही करने के लिए संगठित अपराधियों का रैकेट चला रहे थे.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संगठित अपराध को साबित करने के लिए मुख़्तार अंसारी पर 35 मामले, मुन्ना बजरंगी पर 42, मेराज पर 13 और इफ़्तेख़ार पर 1 मामला बताया था. अब अदालत का यह फैसला दिल्ली पुलिस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.mukhtar-2-s_650_020416043410

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