पाकिस्तान में फैले आतंकवाद के लिए सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया है. शरीफ ने मंगलवार को कहा कि क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ताकतों के लिए बलूचिस्तान एक अड्डा बन गया है.

आतंकवाद को मिलती है विदेशी मदद
शरीफ ने कहा कि विदेशी ताकतें पाकिस्तान को अस्थिर कर उसका फायदा उठाने के लिए तैयार बैठे हैं. इसलिए हर तरह की साजिशों को मदद पहुंचा रहे हैं. ऐसी साजिशों से जुड़े आतंकियों को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं. क्वेटा में शांति और समृद्धि के मसले पर आयोजित एक सेमिनार में शरीफ ने कहा कि आतंकवाद और अतिवाद को विदेशी ताकतों से नगद मिलता है और अंदरूनी दुश्मन इसमें मदद करते हैं.

बन रहा है जंग जैसा माहौल
जनरल ने कहा कि बलूचिस्तान के सैकड़ों किलोमीटर के दायरे में फैले सरहद के बाहरी लोगों का दखल बड़ी समस्या बनता जा रहा है. पाकिस्तान के लिए यह जंग जैसा माहौल बन रहा है. हम इससे लड़ना जारी रखेंगे और अपनी चौहद्दी के भीतर अमन और तरक्की लाकर रहेंगे. उन्होंने कहा कि इस इलाके में कानून और व्यवस्था के साथ लोगों की लड़ाई को पाकिस्तान की अखंडता पर खतरा नहीं बनने देंगे. हम इसे जल्द सुलझा लेंगे.

दो सालों में गई 204 बलूच लोगों की जान
शरीफ ने बताया कि साल 2014 से इन इलाकों में कानूनी और इंटेलिजेंस संस्थाओं की गतिविधियों में 204 जानें गई हैं. इन बातों से पता चलता है कि सुरक्षा के हालात किस कदर खौफनाक होने लगे हैं. ढांचागत सुधार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित रोजगार के मौके बढ़ाकर बलूचिस्तान में सामाजिक एकता मजबूत की जा रही है. उन्होंने कबूला कि सैनिक कार्रवाइयों से जान माल का नुकसान होता है. इसलिए लोगों को राज्य की संस्थाओं से बड़े पैमाने पर जोड़ना होगा.

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