यूपी में दलित उत्पीड़न रुकने का नाम नहीं ले रहा है. अपनी पत्नी के अपहरण से परेशान विकलांग पति जब थाने के चक्कर लगा लगा के थक गया तो तंग आकर उसने थानेदार की चौखट पर ही अपनी तहरीर चिपका दी, थानाध्यक्ष लगातार सामने आने से बच रहे थे. मामला आईजी पुलिस के संज्ञान में आया तब जाकर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश हुए.

बांदा से 60 किमी दूर जसपुरा थाने में मूलचंद अपनी पत्नी मलुदिया की तलाश में बीते दस रोज से चक्कर काट रहा है. बावजूद इसके उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही. ग्राम रामपुर की रहने वाली मलुदिया का 24 जनवरी को कुछ हथियारबंद लोग अपहरण कर ले गए. बकौल पति घटना दोपहर को करीब 2 बजे उस समय घटी जब वह मवेशी चराने गयी थी, घटना के पीछे महिला का बीडीसी सदस्य होना बताया जा रहा है. परिजनों को लगता है कि सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया होगा.

तहरीर पर आईजी ने लिया एक्शन
पुलिस के रवैये से तंग आकर मूलचंद ने अपनी तहरीर आखिरकार थाने के नोटिस बोर्ड पर चिपका दी. मामले की जानकारी बांदा एसपी आरपी पाण्डेय के संज्ञान में होने के बाद भी पुलिस ने कोई दिलचस्पी नही दिखाई. थाने में तहरीर चिपकाने की घटना के बाद आईजी पुलिस ने मामले में ताजा आदेश दिया है.

सत्ताधारी दल पर अपहरण का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया उनका संबंध सूबे के सत्ताधारी दल से है इसलिए पुलिस मामले में कार्रवाई करने से बच रही है. हालांकि बांदा दौरे पर आये आईजी जोन आरके चतुर्वेदी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार शाम तक मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

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