प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बाधा के लिए गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि वे लोकसभा चुनाव में हार का बदला ले रहे हैं। विपक्ष में ऐसे नेता हैं जो संसद को चलने देना चाहते हैं जबकि वे मेरा विरोध करते हैं, लेकिन एक परिवार राज्यसभा को न चलने देने पर अड़ा है।

वहीं डिब्रूगढ़ में प्रधानमंत्री ने और रोजगार सजन के लिए प्राकतिक संसाधनों के मूल्यवर्धन और सहयोगी इकाइयां बनाने का आह्वान किया है ताकि आयात घटे और रोजगार के मौके पैदा हों। मोदी ने यहां 10,000 करोड़ रपए के पेट्रोरसायान संयंत्र का उद्घाटन किया जो कच्चे तेल की रिफाइनरी में प्लास्टिक के लिए कच्चा माल और वैक्स बनाने वाली इकाई बनाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता पूर्वोत्तर का विकास करना है, क्योंकि वह देश के सर्वोन्मुखी विकास में भरोसा करती है। उन्होंने राज्य के युवाओं को इन दो परियोजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि वे छोटी फैक्ट्रियां स्थापित करें जिससे देश के लिए मूल्यवर्धन हो और संपत्ति सृजन हो।

मोदी ने कहा, आज डिब्रूगढ़ में दो प्रमुख परियोजनाओं का उदघाटन किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे प्राकतिक संसाधनों में मूल्यवर्धन होगा और युवाओं के लिए रोजगार के कई मौके पैदा होंगे। ब्रहमपुत्र क्रैकर एंड पॉलीमर लिमिटेड की परिकल्पना असम शांति प्रस्ताव के अंग के तौर पर की गई थी जिस पर समझौता तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में हुआ था और इसकी बुनियाद 2007 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रखी थी।

मोदी ने परियोजनाओं की परिकल्पना में देरी और फिर इसकी घोषणा एवं इसकी बुनियाद रखने तथा इसे पूरा करने में विलंब पर अफसोस जताते हुए कहा कि इससे लागत में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, यदि परियोजना की स्थापना 25 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री कर देते तो मुझे इस परियोजना का उद्घाटन करने का मौका नहीं मिला होता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अटकी हुई कई परियोजनाओं को मुक्त किया है और वह प्रगति की निगरानी और अड़चनें दूर करने के लिए हर महीने राज्यों के मुख्य सचिवों से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं को देश को समर्पित करने से देश भर में आनंद और असम में सर्वानंद होगा।

ब्रहमपुत्र क्रैकर एंड पॉलीमर लिमिटेड पेट्रोरसायन परिसर की स्थापना 10,000 करोड़ रपए की लागत से की गई हैं जिसकी सालाना पालीमर उत्पादन क्षमता 2.80 लाख टन है। गेल इसकी प्रमुख प्रवर्तक कंपनी है जिसके पास 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि असम सरकार, ऑयल इंडिया और नुमालीगढ़ रिफाइनरी की कंपनी में 10-10 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

इस अलावा प्रधानमंत्री ने असम में नुमालीगढ़ रिफाइनरी की वैक्स उत्पादन इकाई का भी उदघाटन किया जिसकी सालाना क्षमता 50,000 टन है। मोदी ने कहा, हमारी सरकार सभी अटकी परियोजनाओं को पूरा करने और लोगों के सपने पूरा करने का प्रयास कर रही है।modi-05-02-2016-1454661725_storyimage

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