मुकेश तिवारी
राज्य ब्यूरो सुनामी मीडिया
बिलासपुर ।स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय जांच टीम फिर से जिले में संचालित प्राईवेट हास्पिटल क्लिनिकों का मुआयना करेगी और नर्सिंग होम्स एक्ट का पालन नहीं करने वालों का लाइसेंस निरस्त करेगी। वहीं मरीजों को दी जाने वाली उपचार की सुविधाओं की रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को पेश करेगी।गौरतलब है कि जिले भर में लगभग तीन हजार से अधिक प्राईवेट हास्पिटल एवं क्लिनिक संचालित हो रहे हैं मगरयहां उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों से इलाज के नामपर मनमानी वसूली जमकर की जाती है। छोटी-छोटी बीमारियोंमें भी दो तीन हजार खर्च करना पड़ता है। सन् 2015 में स्वास्थ्य मंत्रालय से निर्देश मिलने केबाद स्वास्थ्य विभाग ने पांच सदस्यीय टीम बनाकर बिलासपुर, मरवाही, पेण्ड्रा, रतनपुर, बिल्हा, तखतपुर, मस्तुरी, कोटा ब्लाक में बीएमओ के नेतृत्व में हास्पिटल, क्लिनिकों  का निरीक्षण किया था। सैकड़ों ऐसे हास्पिटल और क्लिनिक पाए गए जहां मरीजों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी न ही प्रसाधन की सुविधा थी। मरीजों से उपचार के नाम पर मनमाना शुल्क लिया जा रहा था। जिन हास्पिटल क्लिनिकों में नर्सिंग होम एक्ट नियमों का पालन नहीं किया गया उन्हें दो माह का अल्टीमेटम देकर व्यवस्था सुधारने और दुबारा सीएमओ दफ्तर आकर लायसेंस बनवाने नोटिस दिया गया। नोडल अधिकारी डा. एम ए जीवानी ने सभी क्लिनिक, हास्पिटलों की रिपोर्ट बनाकर कलेक्टर को सौंपी थी।दो दिन पूर्व कलेक्टर अन्बलगन पी. ने बैठक के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों को दुबारा मुआयना कर जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग सीएम को नेतृत्व में टीम का गठन किया जा चुका है जांच की शुरूआत करने टीम तैयारी में जुटी है।

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