बिलासपुर  । लकड़ी तस्करों को पकड़ने के लिए वन विभाग को बैरियर की आवश्यकता नहीं है। इसलिए उसलापुर में तीन साल पहले बैरियर बंद कर दिया गया। इसकी जगह नए स्थान पर बैनियन अब तक नहींबन सका है। इधर पुराना बैरियर जर्जर हो गया, जिस पर कब्जा होने लगा है। गुमटी व ठेले वाले कचरा, बोतले डंप कर रहे हैं। अंधेरा होते ही नशाखोरी भी होती है।उसलापुर ओवरब्रिज से कुछ आगे वन विभाग का सालों पुराना बैरियर था। इसे तीन साल पहले बंद कर दिया गया। विभाग की नजर में यह अनुपयोगी था। इससे पहले कई रास्ते बनने की वजह से तस्कर आसानी सेनिकल जाते थे। हालांकि स्थापना के समय इस बैरियर के दम पर विभाग के अमले ने तस्करों को अवैध वनोपज के साथ पकड़ा भी। धीरे- धीरे इसकी उपयोगिता समाप्त हो गई। नया बैरियर पेंड्रीडीह-सकरी बाइपास मार्ग पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। नया बैरियर स्थापित करने में तत्परता नहीं दिखाई गई। नतीजतन तीन साल गुजर गए बैरियर नहीं बन पाया है। विभाग की इस लापरवाही के कारण लकड़ी तस्करों की मौज हो गई। पटैता बैरियर के बाद बिलासपुर तक एक भी बैरियर नहीं है। यही हाल मुंगेली मार्ग का भी है। जबकि अवैध कटाई और तस्करी इस क्षेत्र अधिक होती है। तस्कर किसी भी समय बेखौफ लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। वह विभाग की पकड़ से बाहर हैं। इतना ही नहीं बैरियर धीरे- धीरे जर्जर हो गया। उसके दरवाजे- खिड़की उखाड़ दिए गएहैं। अब वह कमरा नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। अंधेरा होते ही नशेड़ियों का जमावड़ा होने लगता है। इसके अलावा आसपास के गुमटी व ठेले वाले बैरियर के कमरे में कचरा, बोतल रखते हैं। शुक्रवार को भवन में कब्जे की शिकायत भी वन विभाग को मिली थी। इसके बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी सुनील कुमार बच्चन, डिप्टी रेंजर विजय साहू स्टॉफ के साथ पहुंचे। इस दौरान ठेले व दुकान संचालकों मनाही की गई। हालांकि स्थिति जस की तस थी।गनियारी में है प्रस्तावित वन विभाग की माने तो उसलापुर से बंद बैरियर को गनियारी में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जगह भी मिल गई। हालांकि शुरुआत में जगह को लेकर थोड़ी दिक्कत हुई थी। अब पंचायत ने इसके लिए सहमति दे दी है। विभाग यह बात तीन साल से कह रहा है।अब तक बैरियर अस्तित्व में नहीं आ सका है।बैरियर पर कब्जे की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर ठेले व अन्य को सख्त निर्देश दिए गए। यदि निर्देश का पालन नहीं हुआ है, तो यह गंभीर है। अमले को भेजा जाएगा। नए बैरियर गनियारी में स्थापित होना है। इसके लिए तैयारी चल रही है।
सुनील कुमार बच्चन वन परिक्षेत्र अधिकारी, बिलासपुर

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