विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से मुलाकात की और दोनों ने कई क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त वाई के सिन्हा ने कहा कि दो दिन की सरकारी यात्रा पर शुक्रवार को कोलंबो पहुंचीं सुषमा की राष्ट्रपति सिरीसेना के साथ बहुत अच्छी मुलाकात हुई।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने हजारों सालों के सभ्यता के संपर्कों पर दोनों देशों के बीच बने बहुत गर्मजोशी वाले संबंधों को याद किया। दोनों नेताओं ने करीब एक घंटे चली मुलाकात के दौरान भारत और श्रीलंका की कई परियोजनाओं पर और पिछली उच्चस्तरीय यात्राओं के दौरान लिये गये फैसलों पर चर्चा की।

सिन्हा ने कहा कि उन्होंने श्रीलंका में भारत द्वारा शुरू की गई अनेक परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और राष्ट्रपति ने भारत के सहयोग के लिए उसका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति सिरीसेना ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विकास के बारे में मंत्री को जानकारी दी। उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की।

दोनों नेताओं ने शुक्रवार को हुई संयुक्त आयोग की नौवीं बैठक में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर ध्यान देने के लिहाज से 1992 में संयुक्त आयोग बनाया गया था। सिरीसेना ने पिछले साल फरवरी में संपन्न हुई अपनी भारत यात्रा को और मार्च में यहां की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को प्रसन्नतापूर्वक याद किया।

सुषमा ने बाद में पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका भंडारनायके कुमारतुंगा से मुलाकात की और दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति पर चर्चा की। सिन्हा ने कहा कि दोनों नेताओं ने इस बात पर खुशी जताई कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों में पिछले एक साल में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। सुषमा ने विपक्ष के नेता और तमिल नेशनल अलायंस के प्रमुख आर संपतन तथा पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात की।

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