मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य के किसी कोने से राजधानी पहुंचने का समय अब पांच घंटे तय किया गया है। छह घंटे के लक्ष्य को पूरा कर पथ निर्माण विभाग नए लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इसके लिए 250 की आबादी वाले बसावटों को भी पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। गलियां और नालियां भी पक्की होंगी।

कुमार रविवार को पटना के लोकनायक सेतु (चिरैयाटांड़ पुल) के ब्रजकिशोर पथ (एग्जीविशन रोड) वाले भाग का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़क के बिना विकास संभव नहीं है। पहले ली गई योजनाएं पूरी होने लगी हैं। अब नई योजनाएं ली जा रही हैं।

गंगा पर देश के सबसे लंबे छह लेन पुल का काम शुरू हो चुका है। चार साल में यह भी पूरा हो जाएगा। केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी बनाने की योजना बनाई और उसके लिए पांच साल तक हर साल सौ करोड़ रुपए देने की योजना बनाई है। इतने कम पैसे में पता नहीं वह कैसे किसी सिटी को स्मार्ट बनाएंगे। हमने तो गंगा पर एक पुल ही बनाने की योजना बनाई तो पांच हजार करोड़ रुपए लग गए।

केन्द्र सरकार से हमने कहा है कि सभी राज्यों की राजधानी को स्मार्ट सिटी में जरूर जोड़ें। पहले सौ शहरों का चयन किया गया इसमें बिहार के बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर का चयन किया गया था। लेकिन अब मात्र बीस शहरों की सूची तय की गई है। सूची में हम 91-92 पर हैं। पता नहीं कब आएगी बिहार की बारी।

राज्य को 12वीं पंचवर्षीय योजना में केंद्र से 12 हजार करोड़ की सहायता मिलनी थी। अब तक मात्र साढ़े तीन हजार करोड़ ही मिले हैं। अगले साल यह पंचवर्षीय योजना खत्म हो जाएगी, लिहाजा शेष पैसा हमें इसी साल मिलना चाहिए।

पटना के सभी फ्लाईओवर आपस में जुड़ेंगे
उन्होंने कहा कि पटना में बने सभी फ्लाईओवर आपस में ऐसे जुड़ेंगे कि केवल बाजार और स्टेशन जाने वाले ही नीचे की सड़क का इस्तेमाल करेंगे। एग्जीविशन रोड की तरह फ्रेजर रोड में भी एक फ्लाईओवर बनाने पर विचार चल रहा है। लेकिन यह ध्यान रखना होगा इसका असर मेट्रो योजना पर नहीं पड़े।

पटना में मेट्रो भी हर हाल में बनेगा। हमने इतिहास को बचाने पर चर्चा की तो लोग समझ गए कि मेट्रो का ही विरोध कर दिया। ऐसा नहीं होगा। जहां खुदाई संभव नहीं है वहां मेट्रो ऊपर से गुजरेगी।nitishpress-07-02-2016-1454859440_storyimage

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