इस साल के ऑटो एक्सो में चार मीटर से छोटी (कॉम्पैक्ट) कारें और स्पोट्र्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) दर्शकों और विश्लोषकों के बीच आकर्षण के केंद्र में है। लेकिन इस ऑटो एक्सो में देसी कंपनी टाटा मोटर्स ने छोटी कार जिका पर सबसे बड़ा दांव लगाया है। कंपनी के पैविलियन में जिका और कॉम्पैक्ट एसयूवी नेक्सन सबसे अधिक लुभा रही है। कंपनी ने जिका में कई बदलाव किए हैं और इसको बाजार से काफी उम्मीदे हैं। इसके मार्च तक बाजार में आने की संभावना है।

नए डीजल इंजन पर दारोमदार
जिका को कंपनी के नए एक्सओ प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इसमें 1198 सीसी का रेवट्रॉन पेट्रोल इंजन लगा है जो 85 पीएस की ताकत देता है। कंपनी का कहना है यह इंजन जेस्ट और बोल्ट में लगे इंजन से अलग है। लेकिन जिका में सबसे खास इसका नया 1047 सीसी का रेवटॉर्क डीजल इंजन है जिसकी क्षमता 70 पीएस है। कंपनी के उपाध्यक्ष (सेल्स एवं नेटवर्क) एस.एन बर्मन का कहना है कि डीजल इंजन को हर तरह के रास्तों पर तीन लाख किलोमीटर चलाकर परीक्षण किया गया है। यह देश में और संभवत: दुनिया की पहली ऐसी कार है जिसे इतना चलाकर पेश किया गया है। इसमें किसी तरह की शिकायत नहीं आई है।

अनुमानित कीमत और माइलेज
कंपनी ने इसके दाम का खुलासा नहीं किया है। लेकिन बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पेट्रोल मॉडल की शुरुआती कीमत 4.50 लाख रुपये हो सकती है। वहीं डीजल मॉडल की शुरुआती कीमत 5.50 लाख रुपये रहने की उम्मीद है। हालांकि, आक्रामक रणनीति के तहत उम्मीद से काफी कम कीमत में पेश करके सबको चौंका भी सकती है। कंपनी ने आधिकारिक रूप से माइलेज के बारे में नहीं बताया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक डीजल मॉडल की माइलेज 25 और पेट्रोल की 18 से 20 किलोमीटर प्रति लीटर रहने की संभावना जताई जा रही है।

आकर्षक डिजाइन
जिका बाहर से देखने पर काफी आकर्षक लगती है। इसका डिजाइन बिल्कुल नया है। कंपनी का कहना है कि इसके डिजाइन पर कहीं से भी इंडिका की छाप नहीं दिखती है। हालांकि, ऑटो विशेषज्ञ इससे पूरी तरह सहमत नहीं हैं। टाटा मोटर्स के डिजाइन प्रमुख प्रताप बोस का कहना है कि इसका डिजाइन युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है और छोटी कार होने के बावजूद इसे बोल्ड और मसक्यूलर लुक दिया गया है। कार के भीतर का डिजाइन (इंटीरियर) भी बेहद आकर्षक है। डैसबोर्ड भी बिल्कुल बदला हुआ है।

आराम और सुरक्षा का खास खयाल
टाटा की इस छोटी कार में भी पांच लोगों के आराम से बैठने की पर्याप्त जगह है। पिछली सीट भी आरामदायक है और साथ ही पैर फैलाने (लेग रूम) के लिए जगह काफी है। यह अपनी श्रेणी की पहली कार है जिसके सभी मॉडल में एयर बैग के साथ एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) लगे हैं जो तेज गति से ब्रेक लगाने पर भी कार को नियंत्रित रखते हैं। साथ ही भारत में पहली बार इस श्रेणी की कार में लोकप्रिय हरमन का म्यूजिक सिस्टम दिया गया है जो आमतौर पर महंगी कारों में होता है।

क्या नाम से बदलेगी तकदीर
कंपनी ने शुरुआत में इसका कोड नाम काइट रखा था। इसके बाद एक सर्वे के जरिये जिका नाम का चुनाव करके इसको पेश किया गया। लेकिन जिका वायरस के चर्चा में आने के बाद कंपनी ने इसका नाम दोबारा बदलने का फैसला किया है। कंपनी ने इसके लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाने का फैसला किया है। बर्मन का कहना है कि नाम का चुनाव होने के तुरंत बाद इसे बाजार में पेश कर दिया जाएगा।

इनसे होगा मुकाबला
जिका का मुख्य मुकाबला मारुति की सेलेरियो और स्विफ्ट के साथ ही हुंडई की आई10 और ग्रांड आई10 से होगा। जिका की लंबाई 3,746 मिलीमीटर है जो स्विफ्ट और ग्रांड ऑई10 से थोड़ी कम है। वहीं चौड़ाई 1647 मिलीमीटर है जो स्विफ्ट और ग्रांड आई10 से मामूली कम है। लेकिन इसका ग्राउंड क्लियरेंस 170 मिलीमीटर है जो स्विफ्ट के बराबर और ग्रांड आई10 से ज्यादा है। इसमें सामान रखने की जगह (डिग्गी) 242 लीटर है जो स्विफ्ट के 208 लीटर से अधिक है और ग्रांड आई10 के 256 लीटर से कम है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
ऑटो विशेषज्ञ टूटू धवन का कहना है कि टाटा मोटर्स ने जिका की डिजाइन और तनकीक पर काफी काम किया है। नए डीजल इंजन को पुराने इंजन की तकनीक से अलग रखने में कंपनी बहुत हद तक सफल रही है। कार चलाने में भी काफी बेहतर है। हालांकि, धवन का यह भी कहना है कि इन बेहतरीन खुबियों के बावजूद नैनो की नाकामी और इंडिका के बाद कोई लोकप्रिय कार नहीं दे पाने की इमेज से बाहर निकलना टाटा मोटर्स की जिका के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। उनका कहना है कि 4.50 लाख रुपये की अनुमाति कीमत की बजाय यदि कंपनी उससे कम दाम में इसे पेश करती है तो यह बाजार में कंपनी की उम्मीदों पर खरी उतर सकती है।

छोटी कारों का बड़ा बाजार
देश में चार मीटर से छोटी (कॉम्पैक्ट) हैचबैक और सेडान कारों का सबसे बड़ा बाजार है। यहां सालाना बिकने वाली कारों में इनकी हिस्सेदारी 70 फीसदी है। इस श्रेणी में हैचबैक में बाजार की अगुवा मारुति की स्विफ्ट और हुंडई की ग्रांड आई10 को टक्कर देने के लिए टाटा के पास बोल्ट है जो बहुत लोकप्रिय नहीं हुई है। स्विफ्ट की हर माह बिक्री 15 से 18 हजार है जबकि ग्रांड आई10 की बिक्री 10 से 12 हजार है।zica-06-02-2016-1454772019_storyimage

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