विवेक सिहं कानपुर ब्यूरोचीफ

सुनामी एक्सप्रेस
कानपुर। अपराध को रोकने के लिए एसएसपी लगातार थानाध्यक्षों को दिशा निर्देश देते रहते है, ठीक उसी विपरीत बजरिया के थानाध्यक्ष अपराध नहीं अपराधियों को संरक्षण दे रहे है। यह आरोप जन संघर्षशील मोर्चा संस्था के अध्यक्ष ने लगाया है। यहीं नहीं बल्कि उन्हे थाने से हटाने व पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए संस्था के अध्यक्ष ने अपने कई समर्थकों के साथ शिक्षक पार्क में धरना भी दिया है।

संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद सलीम क्रोधी का कहना है कि बजरिया थानाध्यक्ष अपने अधिकारियों का भी सम्मान नहीं करते है तो वह जनता की क्या सुनेंगे। उनका आरोप है कि कंधी मोहाल में रहने वाला विकलांग मो. वसीम अपने दो भाई मो. हसीन व मो. अजीम के साथ पुरे संयुकत परिवार के साथ बतौर वक्फ किरायेदार की जमीन पर जन्म से ही रह रहा है। जबकि उसी मकान के अगले हिस्से में पड़ोसी मो.नसीम निवास करता है। दंबग नसीम  अपने गुण्डई के चलते पीडि़त के घर रास्ते में आने-जाने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं उस रास्ते से निकलने के दौरान उनके साथ अभद्रता व मारपीट पर अमादा हो जाता है।

उसकी दंबगई से तंग आकर पीडि़त विकलांग ने न्याय की उम्मीद से एसओ बजरिया अनिल कुमार यादव से अपनी समस्या बतायी। जिस पर एसओ ने उससे प्रर्थना पत्र लेकर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया, लेकिन उसे न्याय नही मिला। पीडि़त का आरोप है कि एसओ ने उसकी मदद नहीं कि बल्कि मोहम्मद नसीम को संरक्षण दे दिया। जिसके बाद नसीम लगातर उस पर व उसके परिवार के साथ मारपीट करता है। एसओ के न सुनने पर पीडि़त पुलिस अधिकारियों के पास भी पहंुचा, लेकिन एसओ की झुठी रिपोर्ट के चलते अधिकारियों द्वारा भी दंबग पर कोई कार्रवाहीं नहीं हो सकी।

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