विवेक सिहं )

सुनामी एक्सप्रेस न्यूज
कानपुर। दो दशक पहले स्थापित की गई बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को उपद्रवीयों ने तोड़ डाला। सोमवार की सुबह ग्रामीणों ने बाबा साहब की जब मूर्ति टूटी देखी तो आक्रोशित हो गये और बसपा नेताओं को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद बसपा नेताओं ने हंगामा शुरु कर दिया। बवाल की जानकारी होने पर जिला प्रशासन के एसीएम, एसपी व कई थाने की फोर्स पहंुची।
कानपुर देहात के रनिया क्षेत्र स्थित फतेहपुर रोशनाई में साल 1997 में बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की गई थी। रविवार की रात कुछ शरारतीतत्वों ने प्रतिमा को ही तोड़ डाला। सुबह जब ग्रामीणों ने टूटी प्रतिमा नीचे पड़ी देखी तो आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों की सूचना पर अकबरपुर-रनिया विधान सभा प्रभारी सतीश शुक्ला, जिलाध्यक्ष कानपुर देहात जगदेव कुरील, मंडल कोआर्डिनेटर रामबाबू गौतम, कानपुर नगर अध्यक्ष रामकृष्ण भास्कर, अन्य नेता गांव पहुंच गए।
बाबा साहब की मूर्ति की टूटने पर नेताओं ने ग्रामीणों के साथ जमकर बवाल शुरु कर दिया। वहीं बसपा नेताओं के बवाल किए जाने की जानकारी होने पर पुलिस  प्रशासन के भी माथे पर पसीना आ गया। जिला प्रशासन से एसीएम तहसीलदार अकबरपुर राकेश कुमार, एसपी सीओ सदर व एसओ भी भारी पुलिस के साथ मौके से पहंुच गये।प्रशासन काफी देर तक नेताओं को समझाने की कोशिश करता रहा।
बसपा नेता इस शर्त पर शांत हुए कि तत्काल बाबा भीमराव अंबेडकर की दूसरी प्रतिमा स्थापित करवाई जाए। प्रशासन के हां कहने पर बसपा नेता शांत हुए। बसपा नेताओं ने कड़े शब्दों में प्रतिमा तोड़ने की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस जब तक दोषी लोगों को गिरफ्तार नहीं करेगी वह लोग चैन से नहीं बैठेंगे। स्थानीय ग्रामीण प्रेम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।17afe477-a9ae-407e-b19c-02a4ef30c84c

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