नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला का मंगलवार सुबह उनके घर में निधन हो गया. कोइराला के गले के कैंसर का इलाज चल रहा था और इस बीच उन्हें निमोनिया भी हो गया था.

कोइराला अपनी ही अगुवाई में 20 सितम्बर को लाए गए नए संविधान के अनुसार पीएम बनते बनते रह गए थे. अगले तीन महीने बाद हुए चुनावों में केपी ओली ने उन्हें हरा दिया.

कोइराला का निधन ऐसे वक्त में हुआ है जब दो हफ्ते बाद होने वाली नेपाली कांग्रेस की जनरल असेंबली की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बीच वो पार्टी अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा बनाए रखने की हरसंभव कोशिश कर रहे थे.

नेपाली कांग्रेस के महासचिव प्रकाश मान सिंह ने बताया कि 10 फरवरी 2014 को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में चुने गए कोइराला का निधन राजधानी काठमांडू के बाहरी इलाके के महाराजगंज स्थित उनके आवास में स्थानीय समयानुसार देर रात 12 बजकर 50 मिनट पर हुआ. कोइराला फेफड़े के कैंसर का सफल इलाज करवाकर अमेरिका से लौटे थे.

कोइराला क्रोनिक ऑब्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज से पीड़ित थे, जिसके कारण उनका निधन हुआ. सिंह ने बताया कि कोइराला के पार्थिव शरीर को काठमांडू के सानेपा स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय पर ले जाया जाएगा ताकि पार्टी कार्यकर्ता और अन्य लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें.

भारत के बनारस में जन्मे कोइराला ने वर्ष 1954 में राजनीति में कदम रखा था. वर्ष 1960 के शाही अधिग्रहण के बाद वह 16 साल तक भारत में राजनीतिक निर्वासन में थे. वर्ष 1973 के विमान अपहरण में संलिप्तता के चलते वह तीन साल तक भारत की जेलों में भी बंद रहे थे. कोइराला का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा.

पीएम मोदी ने जताया शोक

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