साइबेरियन सारस को नहीं भाया दियारे का मौसम

इस साल ठंड कम पड़ने की वजह से साइबेरियन सारस समय से पहले लौटने लगे हैं। करीब सात हजार किलोमीटर की दूरी तय कर बक्सर के दियारांचल में हर साल आने वाले इन विदेशी मेहमानों को इस बार का मौसम रास नहीं आया। साइबेरियन पक्षी यहां तीन माह तक प्रवास करते थे, लेकिन इस साल ठंड कम पड़ने की वजह से महज एक माह में ही इनकी वापसी होने लगी है। हजारों एकड़ में फैले गंगा नदी व गोकुल जलाशय के बीच के हिस्से का प्राकृतिक सौंदर्य हर साल इन पंक्षियों के कारण बढ़ जाता है।

बिहार व यूपी के बीच स्थित इस इलाके में साइबेरियन पक्षियों का जत्था इस साल भी आया है। इन दिनों साइबेरिया में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड से बचने के लिए हर साल वहां से हजारों पक्षी यहां आकर प्रवास करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से इन पक्षियों का आगमन होने लगता है, लेकिन इस साल ठंड कम पड़ने की वजह से दिसंबर के अंतिम सप्ताह में पक्षियों का आगमन शुरू हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ है कि एक माह में ही विदेशी पक्षी लौटने लगे हैं।

प्रजनन के लिए अनुकूल नहीं हुआ मौसम
साइबेरियन पक्षी करीब 7 हजार किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर इस इलाके में पहुंचते हैं। रूस में इन दिनों तापमान माइनस बीस से चालीस डिग्री तक पहुंच जाता है। इसके कारण पक्षियों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। प्रजनन के लिए भारी संख्या में साइबेरियन पक्षी इस क्षेत्र में आते हैं। चूंकि ठंड के दिनों में भी इस इलाके में तापमान दो-तीन डिग्री से नीचे नहीं जाता है। वहीं साइबेरियन पक्षियों के प्रजनन के लिए चार से दस डिग्री तक तापमान उपयुक्त माना जाता है। लेकिन, इस बार प्रजनन के अनुकूल मौसम नहीं बन पाया। इस वजह से ये समय से पहले लौटने लगे हैं। इस इलाके में तापमान दो-तीन डिग्री से नीचे नहीं जाता है। वहीं साइबेरियन पक्षियों के प्रजनन के लिए चार से दस डिग्री तक तापमान उपयुक्त होता है।

9 से 21 जनवरी तक ही पड़ी कड़ाके की ठंड
इस साल 9 से 21 जनवरी तक ही कड़ाके की ठंड पड़ी। इस कारण इन पक्षियों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ा और विदेशी पक्षी लौटने लगे। ठंड की कमी की वजह से अब ये पक्षी नेपाल के तराई इलाके में जाकर प्रवास करेंगे। इसके बाद चीन होते हुए साइबेरिया लौट जाएंगे। इन पक्षियों का अपना कोई स्थायी घोंसला नहीं होता है। सालोंभर ये पक्षी उड़ान भरते रहते हैं। एक दिन में ये 100 से 110 किलोमीटर तक की दूरी उड़कर तय कर सकते हैं।

– 7000 किलोमीटर की दूरी तय कर आते हैं साइबेरियन सारस
– 100 से 110 किलोमीटर एक दिन में उड़ने की होती है क्षमता
– 04 से 10 डिग्री प्रजनन के लिए उपयुक्त होता है तापमान
– 01 माह प्रवास के बाद ही लौटने लगे साइबेरियन पक्षी
– 03 माह तक इससे पहले दियारांचल में करते थे प्रवास

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