हड़ताल पर निगम कर्मचारियों में दो फाड़

कामबंद हड़ताल पर निगम कर्मचारियों में फूट पड़ गई है। कर्मचारी संगठनों के एक मोर्चे ने दो दिन के लिए आंदोलन वापस ले लिया है। जबकि, कर्मचारियों का एक अन्य मोर्चा हड़ताल करने पर अड़ा हुआ है।

वेतन-एरियर जैसे मुद्दों को लेकर पिछले 12 दिन से हड़ताल कर रहे दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों ने सोमवार को अपना पक्ष हाईकोर्ट के समक्ष रखा। हाईकोर्ट में इस मुद्दे पर दस तारीख को सुनवाई होनी है। हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने के बाद ही कुछ कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापसी के संकेत दे दिए थे।

बाद में यूनाइडेट फ्रंट ऑफ एमसीडी इंप्लाइज के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने दो दिनों के लिए हड़ताल स्थगित करने की घोषणा कर दी। जबकि, स्वतंत्र मजदूर संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष संतलाल चांवरिया ने भी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की है। वहीं, स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष संजय गहलौत ने हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया है।

उन्होंने कहा कि हम हाईकोर्ट का सम्मान करते हैं लेकिन कोर्ट को भी कर्मियों के हितों का स्थायी समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थायी समाधान होने तक हड़ताल पहले की तरह ही चलती रहेगी। अपने मोर्चे में 38 यूनियनों के शामिल होने का उन्होंने दावा किया।

कपिल मिश्रा के घर पर होगा प्रदर्शन:
निगम कर्मचारियों की हड़ताल को जारी रखने पर अड़े स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा ने मंगलवार को दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के घर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की। सोमवार को मोर्चे से जुड़े कर्मचारियों ने उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के खिचड़ीपुर स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

कहां गया सरकार द्वारा उठाया गया कचरा:
दिल्ली में कर्मचारियों की 13 दिन तक चली हड़ताल के दौरान दिल्ली सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड और पीडब्लूडी के जरिए कचरा उठवाने का दावा किया था। भाजपा ने सरकार के इस दावे पर सवाल खड़े किए हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में नेता सदन आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली में अलग-अलग जगहों से उठाए गए कचरे को चार जगहों पर भेजा जाता है। भालस्वा, ओखला, गाजीपुर की लैंडफिल साइट को और ओखला के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में। इन सभी जगहों पर हड़ताल के दौरान केवल 17 ट्रक कचरा ही पहुंचा है। तो आखिर सरकार द्वारा उठाया गया कचरा कहां गया।

अस्थायी कर्मियों पर लगाई शर्तों की निंदा:
निगमों के वित्तीय संकट को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए लोन पर लगाई गई शर्तों की दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति ने निंदा की है। समिति ने कहा कि सरकार ने जो शर्तें लगाई हैं उनसे अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी पर संकट छाएगा। इसलिए निगम की ओर से इस तरह की शर्तों की निंदा की जाती है।

गृहमंत्री से मिले तीनों मेयर:
दिल्ली के तीनों मेयरों ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली सरकार द्वारा निगम का बजट जारी करने में किए जा रहे टाल-मटोल में हस्तक्षेप करने की मांग की। सोमवार दिन में उत्तरी निगम के मेयर रविन्द्र गुप्ता, पूर्वी निगम के मेयर हर्ष मलहोत्रा, दक्षिणी निगम के मेयर सुभाष आर्य व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने गृहमंत्री से मुलाकात की। मेयरों ने कहा कि दिल्ली सरकार असंवैधानिक तरीके अख्तियार कर रही है। लगभग आधे घंटे तक चली बैठक के बाद गृहमंत्री ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।

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