पैसा कमाना है तो व्यापार करें मंत्री: मुलायम सिंह

समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर चेतावनीदी है कि जो मंत्री-विधायक पैसा कमाने में लगे हैं वे इससे बाज आएं। अगर पैसा ही कमाना है तो व्यापार कर लो। उन्होंने कहा कि पार्टी में चाहे कोई मंत्री हो या विधायक या फिर कोई और। अगर गड़बड़ी की तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। मुलायम सिंह यादव सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

एमएलसी की सारी सीटें जीतनी हैं
उन्होंने कहा कि अगर पार्टी विधान परिषद चुनाव हारी तो संबंधित जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लाक प्रमुखों को जिम्मेदार मानते हुए पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। यह चुनाव बहुत कठिन है। यहां वोटों की खरीद-फरोख्त भी होगी। इससे सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि एमएलसी की सारी सीटें जीतनी हैं। अगर आप लोग जनता के बीच रहोगे तो यह चुनाव जीत सकते हो। इसके जरूरी है कि आप लोग यहां पार्टी दफ्तर मत आओ, अपने-अपने जिलों में जनता के  बीच काम करो। मुलायम ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो एमएलसी की 31 सीटें जीत लीं थीं।

युवाओं की उपेक्षा न करें
मुलायम ने लोकसभा चुनाव की हार की चर्चा फिर छेड़ते हुए कहा कि अगर पार्टी 35 से 40 सीटें जीत लेती तो केंद्र में उनकी सरकार बनने में कोई दिक्कत नहीं आती लेकिन हम लोग हार गए। इसकी वजह यह रही है कि हमारे विधायकों व दूसरे लोगों का व्यवहार खराब था। जनता से संपर्क टूट गया था। उन्होंने अपनी सरकार के पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी की हार की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की।

अखिलेश जनता के बीच जाएं
मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यह देश की सबसे अच्छा काम करने वाली सरकार बन गई है। कुछ लोग विकास के कामों में बाधा डालने की कोशिश जरूर कर रहे हैं। सरकार तेजी से काम रही है। सरकार ने इतने पुल बनवा दिए कि अब ज्यादा की जरूरत ही नहीं रह गई है। उन्होंने कार्यकर्ताआंे को उलाहना देते हुए कहा कि क्या सपा गूंगों की पार्टी है? अगर ऐसा नहीं है तो आप लोगों ने अच्छे काम के लिए सीएम अखिलेश यादव को धन्यवाद क्यों नहीं दिया। आप लोग अच्छे काम का प्रचार क्यों नहीं कर रहे। मुलायम ने सीएम अखिलेश यादव के काम की तारीफ के साथ नसीहत भी दी कि  अब वे जनता के बीच जाएं। गांव का दौरा करें। लखनऊ में रह कर छोटे-मोटे कार्यक्रम में वक्त न लगाएं।

LEAVE A REPLY