प्रवर्तन निदेशालय-ED ने एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के पुत्र पंकज से उनके और अन्य के खिलाफ दिल्ली में महाराष्ट्र सदन के निर्माण एवं अन्य मामले में दर्ज धनशोधन मामले के सिलसिले में मंगलवार को लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की.

अधिकारियों ने कहा कि पंकज के सुबह यहां बलार्ड इस्टेट स्थित एजेंसी के कार्यालय पहुंचने पर जांचकर्ताओं ने धनशोधन रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज किया.

प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय में लगभग आठ घंटे तक पूछताछ के बाद जब पंकज बाहर निकले तो उन्होंने बाहर संवाददाताओं से कहा कि वह एजेंसी से सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे.

निदेशालय ने कुछ समय पहले पंकज के खिलाफ सम्मन जारी किया था और तब उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया था.

अधिकारियों ने कहा कि पंकज का कई दस्तावेजों एवं वित्तीय रिकाडरें से सामना कराया गया जिसे एजेंसी ने मामले में पहले जब्त किया था. इसमें अन्य आरोपियों की ओर से दिये गए गवाह भी शामिल थे.

सूत्रों के अनुसार जूनियर भुजबल से ‘फिर से जांच में शामिल होने’ के लिए कहा जा सकता है. महाराष्ट्र विधानसभा में विधायक पंकज का नाम एजेंसी की ओर से दर्ज प्राथमिकी में है. इसके अलावा प्राथमिकी में उनके पिता एवं राज्य के पूर्व लोकनिर्माण मंत्री छगन भुजबल, अन्य सहयोगियों एवं संस्थाओं एवं उनके भतीजे समीर का भी नाम है. समीर को निदेशालय ने इस महीने के शुरू में गिरफ्तार किया था.

निदेशालय ने करीब एक दर्जन परिसरों में दो बार छापे मारे हैं जिसमें छगन भुजबल, पंकज, समीर और कुछ अन्य की सम्पत्ति एवं कार्यालय शामिल हैं.

छगन भुजबल मंगलवार को ही अमेरिका से मुंबई पहुंचे. छगन भुजबल ने आज यह कहते हुए इन मामलों में किसी अनियमित्ता के आरोप से ध्यान भटकाने का प्रयास किया कि उनके सभी निर्णय तत्कालीन मुख्यमंत्री की सहमति से लिये गए. इस मामले में एजेंसी की कार्रवाई तब हुई है जब बम्बई उच्च न्यायालय ने 28 जनवरी को महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और निदेशालय से कहा था कि वे भुजबल और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ चल रही अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट चार सप्ताह में दें.

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