सीवान : एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री जी आज जहा डिजिटल इन्डिया कि बात कर रहे है , वही राज्य सारकार भी हर अपने द्वारा चलाए जा रहे हर कार्यक्रम को इंटरनेट से जोड़ कर डिजिटल बना रही है ताकि लोगो को अपने कामो में सहूलियत मिले , लेकिन सिवान जिले कि ये सारकारी वेबसाइट आज भी वही पुरानी जानकरियों को नई कर रही है , सरकार की मंशा है कि उसके द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के प्रचार-प्रसार व उसकी प्रगति सहित अन्य आवश्यक जानकारी लोगों को आसानी से मिल सके. इसके लिए हर जिलों में बने एनआइसी अर्थात जिला सूचना केंद्र के माध्यम से siwan.bih.nic.in वेबसाइट पर सूचनाएं प्रदर्शित की जाती हैं, जिससे कार्यों में पारदर्शिता की सरकारी मंशा भी पूरी होती है. मगर सरकार की यह मंशा विभाग की लापरवाही के चलते पूरी नहीं हो पा रही है. वर्षों पूर्व सूचनाएं ही वेबसाइट पर हैं प्रदर्शित : जिले की सरकारी वेबसाइट के हर दिन अपडेट होने की तो बात दूर यहां आधे दशक पुरानी ही अधिकतर सूचनाएं दी गयी हैं.जीरादेई के विधायक रमेश सिंह कुशवाहा की जगह आशा देवी, दरौली के विधायक सत्यदेव राम की जगह रामायण मांझी, रघुनाथपुर के विधायक हरिशंकर यादव की जगह विक्रम कुंअर, गोरेयाकोठी के विधायक सत्यदेव प्रसाद सिंह की जगह भूमेंद्र नारायण सिंह, महाराजगंज के विधायक हेमनारायण साह की जगह कुमार डॉ देवरंजन सिंह का नाम लिखा हुआ है. इसी तरह निकाय क्षेत्र से होनेवाले एमएलसी के रूप में अभी भी मनोज सिंह निर्दलीय के रूप में दर्ज है. जबकि इस सीट पर लगातार दो बार चुनाव हो चुका है व टुन जी पांडे विजयी रहते हुए वर्तमान प्रतिनिधि हैं.अधिकतर विभाग वेबसाइट से हैं नदारद : सरकारी वेबसाइट पर सभी विभागों की योजनाओं के साथ ही उसकी प्रगति व संबंधित अधिकारी का ब्योरा होना चाहिए. जबकि हाल यह है कि विभागों के नाम तो दर्ज हैं, लेकिन उसके बारे में जानकारी नहीं दी गयी है. मनरेगा व मत्स्य विभाग के संबंध में जानकारी मात्र दी गयी है. यह ब्योरा भी काफी पुराना है. पुलिस विभाग के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. हालांकि पुलिस विभाग का पन्ना खोलने पर बिहार पुलिस,आपकी सेवा में लिखा स्लोगन लोगों को आकर्षित करता है, जिसके बाद पुलिस विभाग का ब्योरा न होने से लोगों को निराश होना पड़ रहा है.विभागीय अधिकारियों के नहीं हैं फोन नंबर : जिले के प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी के साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों के नाम व नंबर वेबसाइट पर प्रदर्शित करने का निर्देश है.जबकि स्थिति यह है कि किसी भी पदाधिकारी का इस पर नंबर दर्ज नहीं है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आखिर यहा कब सुधार होगा यह सवाल जिले के लोग कर रहे है कि सिवान आज इंटरनेट कि दुनिया में इतना पीछे कैसे छूट गया

 

 

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