अमेरिका की जेल में बैठकर पाकिस्तान के खिलाफ सबूत देने वाले डेविड हेडली ने गुरुवार को ऐसा खुलासा किया है जिससे भारत का सियासी पारा गर्म हो गया है. हेडली ने उस इशरत जहां को लश्कर की आत्मघाती हमलावर बताया है जिसे देश की कई पार्टियां शहीद और भारत की बेटी कह चुकी हैं.

हेडली के खुलासे के बाद बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि इशरत जहां को बिहार की बेटी बताने वाले नीतीश कुमार माफी मांगे. उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर वोट की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है.

‘डेविड हेडली ने कोई नई बात नहीं कही’
बीजेपी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि डेविड हेडली ने कोई नई बात नहीं कही है. यह पहले से ही पता था. उन्होंने कहा, ‘साल 2004 में एनकाउंटर होने के बाद से ही बीजेपी उसे आतंकी बता रही है लेकिन विरोधियों ने उसे शहीद करार दिया. अब इस बात की पूरी तरह पुष्टि हो चुकी है कि पाकिस्तान 26/11 के हमलों में शामिल था.’ उन्होंने कहा कि इशरत जहां लश्कर के लिए काम करती थी, यह बात पहले ही साफ हो चुकी है.

लश्कर आतंकी ने दी थी जानकारी
दरअसल, हेडली ने मुंबई की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी के दौरान बताया है कि लश्कर आतंकी मुजम्मिल भट ने उसे इस बात की जानकारी थी. मुजम्मिल ने कहा था कि जुकीउर रहमान लखवी ने उससे किसी महिला रिक्रूट का जिक्र किया था जो भारत में एनकाउंटर में मारी जा चुकी है. उसका नाम इशरत जहां था.

NCP नेता ने कहा- जल्दबाजी में न लें फैसला
डेविड हेडली के इस खुलासा पर एनसीपी नेता माजिद मेमन ने कहा कि हेडली अभी सबूत दे रहा है. वह अपनी पुरानी योजनाओं और कारनामों को गिना रहा है, उसे लेकर इतना शोर नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘यह एक संवेदनशील मुद्दा है. उसके दावों को क्रॉस चेक किया जाना बहुत जरूरी है. कोर्ट मामले को बेहतर ढंग से देख सकता है.’

‘अमेरिका का दोहरा रवैया भी जिम्मेदार’
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना की मिलीभगत से आतंकवाद को बढ़ावा मिला है. अमेरिका ने हकीकत से आंखें बंद कर रखी हैं और एक हाथ से पाकिस्तान की मदद कर रहा है तो दूसरे हाथ से उस पर नकेल कसने का नाटक भी रचा जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी जेल में बैठकर जिस तरह हेडली ने पाकिस्तान के बारे में खुलासे किए हैं उससे साफ होता है कि वहां की सरकार, सेना और खुफिया एजेंसिया कैसे आतंकवाद में शामिल हैं.’

कौन थी इशरत जहां?
1. नरेंद्र मोदी की हत्‍या की साजिश करने का था आरोप
2. मुंबई के मुंब्रा इलाके की रहने वाली थी इशरत
3. 19 साल की इशरत कॉलेज में कर रही थी पढ़ाई
4. 15 जून 2004 को हुई थी मुठभेड़ में मौत
5. अहमदाबाद में हुई थी मुठभेड़

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