12717587_10154286175037289_9116578852713871390_nसियाचिन में 6 बाद बर्फ के नीचे से निकाले गए लांस नायक हनुमंतप्पा ने गुरुवार को दिल्ली के आर आर अस्पताल में दम तोड़ दिया. उन्होंने 11 बजकर 45 मिनट पर अंतिम सांस ली.

सियाचिन में छह दिनों तक भारी बर्फ के नीचे दबे रहे लांसनायक हनुमंतप्पा की गुरुवार सुबह बिगड़ गई थी. डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी किडनी और लिवर ने काम करना बंद कर दिया थी. वह गहरे कोमा में चले गए थे और उन्हें दी जा रही दवाइयों का असर नहीं हो रहा था.

हनुमंतप्पा के ब्रेन में ऑक्‍सीजन की कमी हो गई थी और दोनों फेफड़े निमोनिया की चपेट में थे. एम्स के डॉक्टरों की टीम भी उनके इलाज में जुटी रही. उनकी डायलेसिस और वेंटीलेशन सपोर्ट को बढ़ाया गया थादो लोगों ने की थी किडनी दान करने की पेशकश
जांबाज लांसनायक को बचाने के लिए यूपी के दो लोग आगे आए थे. लखीमपुर खीरी जिले की एक महिला और एक रिटायर्ड सीआईएसएफ हेड कॉन्स्टेबल प्रेम स्वरूप ने अपनी किडनी देने की पेशकश की थी. सरिता नाम की इस महिला ने कहा था, ‘जब देश के लिए एक जवान अपनी जान दे सकता है तो क्या मैं अपनी किडनी भी नहीं दे सकती.’दो लोगों ने की थी किडनी दान करने की पेशकश
जांबाज लांसनायक को बचाने के लिए यूपी के दो लोग आगे आए थे. लखीमपुर खीरी जिले की एक महिला और एक रिटायर्ड सीआईएसएफ हेड कॉन्स्टेबल प्रेम स्वरूप ने अपनी किडनी देने की पेशकश की थी. सरिता नाम की इस महिला ने कहा था, ‘जब देश के लिए एक जवान अपनी जान दे सकता है तो क्या मैं अपनी किडनी भी नहीं दे सकती.’देशभर में हनुमंतप्पा के लिए प्रार्थना
लांसनायक हनुमंतप्पा की सलामती और उनके जल्द ठीक होने की कामना के लिए देश भर में लोग दुआएं कर रहे थे. कहीं, लोग कैंडल लेकर प्रार्थना कर रहे थे तो कहीं उनकी सलामती के लिए यज्ञ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा था. हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की यज्ञशाला में हनुमंतप्पा के स्वास्थ्य के लाभ के लिए छात्रों और शिक्षकों ने यज्ञ किया था. इस अवसर पर उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी किया और ईश्वर से उनको जल्द से जल्द स्वस्थ करने की प्रार्थना की.

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