फ्री बेसिक्स प्लान पर पाबंदी लगाने वाले ट्राई के फैसले की आलोचना करने वाले फेसबुक निदेशक मंडल के सदस्य मार्क एंड्रीसन को न सिर्फ अपना बयान वापस लेना पड़ा बल्कि अपने बॉस यानी मार्क जुकरबर्ग की नाराजगी का भी सामना करना पड़ा। फेसबुक संस्थापक ने कहा, उनका बयान वास्तव में दुखदायी है। उन्हें नहीं पता कंपनी की सोच और यहां तक की मेरी सोच।

जुकरबर्ग को बोलना पड़ा, भारत हमारे और फेसबुक दोनों के लिए महत्वपूर्ण

एंड्रीसन ने कहा था, भारत अंग्रेजों का गुलाम ही रहता तो अच्छा

एंड्रीसन ने नेट निरपेक्षता विरोधी फेसबुक के फ्री बेसिक्स प्लान पर पाबंदी के फैसले को उपनिवेशवाद विरोधी सोच ठहराया। उन्होंने कहा कि देश ब्रिटेन के अधीन रहता तो आज उसकी स्थिति बेहतर होती। सिलिकॉन वैली के अग्रणी उद्यम पूंजी निवेशक एंड्रीसन और उनके भागीदार बेनेडिक्ट इवान्स ने ट्विटर पर अपनी खीझ जाहिर की थी।

दरअसल, ट्राई ने व्यवस्था दी है कि कोई सेवा प्रदाता इंटरनेट की सामग्री के आधार पर ग्राहकों के लिए डाटा की दरें अलग-अलग नहीं रख सकता। ट्राई ने इसके खिलाफ जुर्माने का प्रावधान भी किया है। इससे सभी इंटरनेट वेबसाइट तक समान पहुंच होगी।

बाद में मांगी माफी
एंड्रीसन ने बाद में अपनी टिप्पणी के लिए भारत से माफी मांगी। भारत के खिलाफ टिप्पणी की चारों तरफ से आलोचना होने के कारण उन्होंने अपना ट्वीट हटा लिया और माफी मांगते हुए कल आठ ट्वीट किये।उन्होंने कहा, ”मैं अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगता हूं तथा अपने शब्दों को वापस लेता हूं। भविष्य में इन विषयों पर टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि लोग मुझसे अधिक जानकारी तथा अनुभव रखते हैं।zukerburg-11-02-2016-1455162358_storyimage

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