अपने तीनों ग्रुप मैच में लचर प्रदर्शन करने वाली भारतीय हॉकी टीम आज 12वें दक्षिण एशियाई खेलों के पुरुष हॉकी फाइनल में अपनी गलतियों से सबक लेकर चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराने उतरेगी.

भारत ने टूर्नामेंट में दोयम दर्जे की टीम उतारी है जिसमें कई जूनियर खिलाड़ी हैं. टीम एक इकाई के रूप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी है. उसने बांग्लादेश और श्रीलंका को हराया लेकिन पाकिस्तान से 1-2 से हार गई.

 

भारत के अधिकांश सीनियर खिलाड़ी हॉकी इंडिया लीग में खेल रहे हैं लिहाजा मेजबान को कमोबेश अनुभवहीन टीम उतारनी पड़ी. कप्तान मनदीप अंतिल और स्ट्राइकर गुरबाज सिंह को छोड़कर सभी खिलाड़ी अनुभवहीन है.

भारत को यदि पाकिस्तान को हराना है तो अपने खेल में काफी सुधार करना होगा. पाकिस्तान ने 2004 में कोलंबो और 2010 में ढाका में भारत को हराकर खिताब जीता था. भारत ने 1995 में मद्रास में हुए खेलों में स्वर्ण जीता था.

भारत ने आगाज बांग्लादेश के खिलाफ 4-1 से मिली जीत से किया था. पाकिस्तान के खिलाफ उसके कमजोर डिफेंस की कलई खुल गई थी. श्रीलंका के खिलाफ तीसरे मैच में भारतीय आक्रमण फिर बौना साबित हुआ और टीम तीन ही गोल कर सकी.

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