मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी के मौके पर मां सरस्वती की अखंड पूजा करने की अनुमति न मिलने से गुस्साए हिन्दूवादी संगठनों ने भोजशाला के बाहर ही एक स्थान पर पूजा शुरू कर दी है। यहां 6000 पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने नमाज पढ़वाने के लिए भी योजना बना ली है। आज भोजशाला में पूरे दिन बसंत पंचमी पर भी पूजा होती है जबकि शुक्रवार होने की वजह से यहां नमाज भी होना है। इसी का विवाद है।

भोज उत्सव समिति और हिन्दू जागरण मंच ने भोजशाला में दिनभर अखंड पूजा करने की मांग की थी, जबकि प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा दी गई व्यवस्था के तहत सुबह सात बजे से लेकर 12 बजे तक पूजा, उसके बाद एक से तीन बजे तक नमाज और दोपहर साढे तीन बजे से सूर्यास्त तक फिर पूजा की व्यवस्था दी थी। दोनों पक्षों के बीच इसे लेकर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद सुबह लगभग साढे नौ बजे से भोजशाला के बाहर मोतीबाग चौक स्थित मंदिर में पूजा शुरू कर दी। भोजशाला में पूजा के लिए पूजन सामग्री सुबह सात बजे पहुंचाई गयी थी। इस बीच हिन्दूवादी संगठनों का आरोप है कि भोजशाला के अंदर प्रशासन द्वारा डमी श्रद्धालुओं से पूजा करवाई जा रही है। वहीं प्रशासन ने भोजशाला के बाहर पूजा करने वाले लोगों से अपील की है कि जो भी श्रद्धालु पूजा करना चाहता है वह वहां शांतिपूर्ण ढंग से पूजन कार्यक्रम करें।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विपिन महेश्वरी ने बताया कि बसंत पंचमी के मौके पर भोजशाला में शांतिपूर्ण ढंग से पूजा और नमाज करवाने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भोजशाला के अंदर और बाहर 65० जवानों की तैनाती की गयी है। इसमें आरएएफ, विशेष सशस्त्र बल सहित तीन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, 16 आईपीएस अधिकारी, 22 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तैनात किए गए हैं।

ASI के अधीन आता है भोजशाला
भोजशाला परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग के अधीन है और एक दशक से अधिक समय पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय यह मुद्दा काफी गर्माया था। इसके बाद से केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप मंगलवार को पूजन और शुक्रवार को नमाज पढने की व्यवस्था की गयी है। हर साल बसंत पंचमी पर यर्हां ंहदू संगठनों द्वारा सरस्वती देवी की पूजा की जाती है। ऐसे में बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन होने की स्थिति में प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पडते हैंर्। हिंदूवादी संगठन बसंत पंचमी के कारण भोजशाला परिसर में निर्विघ्न रूप से सरस्वती पूजन करना चाहते हैं तो कतिपय संगठन शुक्रवार को जुमे की नमाज भी पढना चाहते हैं। इस स्थिति के मद्देनजर प्रशासनिक अधिकारी संबंधित प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे हैं और प्रशासन को उम्मीद है कि सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाएगा।

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