स्टीव वॉ ने आज महान स्पिनर शेन वॉर्न पर पलटवार किया जिन्होंने दोनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को यह कहकर बढ़ा दिया था कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एक स्वार्थी क्रिकेटर हैं।

वॉ ने अपने जवाब में कहा कि वेस्टइंडीज में 1999 में हुए टेस्ट के लिए जब उन्होंने इस लेग स्पिनर को टीम से बाहर किया था तो वह सिर्फ एक कप्तान के रूप में अपना काम कर रहे थे।

वॉर्न ने इससे पहले कहा था कि वह जिन क्रिकेटरों के साथ खेले उनमें वॉ सबसे स्वार्थी थे। इस लेग स्पिनर ने यह भड़ास 17 साल पहले वेस्टइंडीज दौरे के दौरान अंतिम टेस्ट की अंतिम एकादश से उन्हें बाहर किए जाने को लेकर निकाली थी।

वॉ ने इसके बाद अगले दिन सोशल मीडिया पर लिखा था, मैं जवाब के साथ उसके बयान को सही नहीं ठहराना चाहता। वॉ ने हालांकि आज इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वॉर्न को बाहर करना कड़ा फैसला था लेकिन कप्तान के रूप में उनके काम का हिस्सा था।

ट्रिपल एम कमर्शियल रेडियो ने वॉ के हवाले से कहा, ईमानदारी से कहूं तो शेन को ही नहीं बल्कि किसी भी खिलाड़ियों को बाहर होने के लिए कहना आसान नहीं होता।

वॉ ने कहा कि एडम डेल या ग्रेग ब्लेवेट को भी यह कहना आसान नहीं था कि उन्हें टेस्ट मैच के लिए बाहर किया गया है। मुझे कई खिलाडि़यों को यह कहना होता था कि वे नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक कप्तान के रूप में यह सबसे मुश्किल काम था। लेकिन यही कारण है कि आप कप्तान हो, लोग आपसे उम्मीद करते हैं कि आप टीम के फायदे के लिए कड़े फैसले करोगे।

वॉ ने कहा, आपको कई बार ऐसा करना पड़ता है और आपको तैयार रहना चाहिए कि सभी लोग आपको पसंद नहीं करेंगे।

वॉर्न ने रीयलिटी टीवी शो आई एम सेलीब्रिटी। गेट मी आउट ऑफ हियर में हिस्सा लेने के दौरान कहा था कि वह उन्हें बाहर करने के फैसले से काफी निराश थे और महसूस कर रहे थे कि वॉ ने उन्हें बली का बकरा बनाया है।

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