पटना: वैसे तो कहते हैं, राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी स्थायी नहीं होती, लेकिन कुछ उदाहरण ऐसे भी मिलते हैं, जहां दुश्मनी पीढ़ी-दर-पीढ़ी निभाई जाती है। बिहार की दो प्रमुख राजनतिक हस्तियों लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान के बीच राजनतिक कटुता कभी खत्म नहीं हो पाई, और अब तो दोनों के बेटे तेजस्वी और चिराग भी अपने पिताओं के पदचिह्नों पर ही चल रहे हैं।

ताजा घटनाक्रम में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे और सांसद चिराग ने बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। जवाब में लालू के बेटे और नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी ने चुनौती देते हुए कहा कि आखिर इसमें देरी क्यों की जा रही है। तेजस्वी ने फेसबुक पर लिखा, “केंद्र में उनकी बहुमत की सरकार है… बिहार से उनके गठबंधन के 31 सांसद और सात केंद्रीय मंत्री हैं… और अगर उनके तर्क में दम है, और केंद्र की सरकार में दम है तो राष्ट्रपति शासन लगवा दें, किसने रोका है…”

इसके साथ ही तेजस्वी ने चिराग को यह चुनौती भी दे डाली कि अगर वह ऐसा नहीं करवा पाए तो उनका बयान अपरिपक्व साबित हो जाएगा। तेजस्वी ने अपने पोस्ट में चिराग के उस आरोप का भी जवाब दिया, जिसमें पिछले दिनों एक व्यक्ति की हत्या के बाद चिराग ने कहा था कि तेजस्वी मरने वाले से परिवार से मिलने भी नहीं गए, जबकि मरने वाला तेजस्वी के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर का ही है। तेजस्वी ने जवाब दिया, “मेरे चुनाव क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई, जिस पर 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे… मैं आपराधिक छवि के किसी व्यक्ति का समर्थन नहीं करता, चाहे वह मेरी ही पार्टी का क्यों न हो, सो, ऐसे में उसके घर जाने का सवाल कहां उठता है…”

वैसे, यह पहला मौका है, जब चिराग और तेजस्वी के बीच सार्वजनिक रूप से किसी मुद्दे पर बहस छिड़ी है। लेकिन इससे पहले, वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जब चिराग सांसद चुने गए और लालू यादव की बेटी मीसा भारती चुनाव हार गईं, तो रामविलास पासवान व्यंग्य किया करते थे कि जनता ने लालू के परिवार को खारिज कर दिया है।

अब तेजस्वी ने चिराग को यह चुनौती भी दी है कि अगली बार जमुई जैसी सुरक्षित सीट से न लड़कर वह किसी सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं। हालांकि तेजस्वी के इस पोस्ट पर चिराग ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन आने वाले दिनो में मीडिया तेजस्वी द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब उनसे ज़रूर पूछेगी।

LEAVE A REPLY