रविचंद्रन अश्विन ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रविवार को चार ओवर में आठ रन देकर चार विकेट लिए जिससे भारत ने तीसरे और निर्णायक टवेंटी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में श्रीलंका को 37 गेंद शेष रहते हुए नौ विकेट से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।

श्रीलंका पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद पहले ओवर में लड़खड़ा गया। अश्विन शुरू से हावी हो गए और बाकी गेंदबाजों ने भी उनका पूरा साथ दिया। इससे श्रीलंका की टीम 18 ओवर में 82 रन पर ढेर हो गयी जो उसका टी20 में न्यूनतम स्कोर है।

आइए नजर डालते हैं उन 5 जीत के मंत्रों पर जिनकी मदद से टीम इंडिया ने सीरीज पर कब्जा किया:

1. टॉस रहा भारत के नाम
टॉस जीतकर टीम इंडिया ने की मैच की बेहतरीन शुरुआत। हर मैच में टॉस एक बेहद महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। धौनी ने पिच को सही पहचाना और गेंदबाजी करने का फैसला लिया। इस फैसले को आगे चलकर गेंदबाजों ने भी बखूबी निभाया और श्रीलंका को उसके सबसे कम स्‍कोर 82 रन पर ढेर कर दिया।

2. अश्विन का कमाल
टीम इंडिया के गेंदबाज खासकर रविचंद्रन अश्विन की फिरकी में श्रीलंकाई बल्‍लेबाज बुरी तरह पस्त हो गए। मेहमान टीम के बल्‍लेबाजों के पास अश्विन की गेंदों का कोई जवाब नहीं था। अश्विन ने 4 ओवर में एक मेडन सहित 8 रन देकर चार विकेट लिए। यह प्रदर्शन अश्विन का टी-20 करियर में सर्वश्रेष्‍ठ भी रहा। उनकी 17 गेंदों पर एक भी बल्‍लेबाज रन नहीं बना सका।

3. गेंदबाजों का धमाकेदार प्रदर्शन
पहले ही ओवर में आर.अश्विन ने दोनों सलामी बल्लेबाजों को पैवेलियन भेज दिया। अश्विन को दूसरे गेंदबाजों ने भी भरपूर साथ मिला। श्रीलंका का कोई बल्‍लेबाज टिक कर नहीं खेल सका। जडेजा और सुरेश रैना की गेंदों को अच्‍छा स्पिन मिला। नेहरा, बुमराह और हार्दिक पंड्या ने भी अच्छी गेंदबाजी की।

4. शानदार फील्डिंग
चाहे रवींद्र जडेजा हों या युवराज, टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों ने शानदार फील्डिंग का नमूना एक बार फिर दिखाया। जडेजा ने थिसारा परेरा का दौड़कर कैच लपका। साथ ही उन्‍होंने सीकुगे प्रसन्‍ना को रनआउट भी किया। युवराज सिंह ने हार्दिक पंड्या की गेंद पर शॉर्ट कवर्स में गोता लगाकर रन रोके।

5. धवन-रहाणे की शानदार पारियां
रोहित शर्मा के 13 रन बनाकर आउट होने के बाद धवन और रहाणे ने बल्‍लेबाजों पर दबाव नहीं बनने दिया और दूसरे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी की। धवन और रहाणे ने अपनी पारियों में एक भी खराब गेंद को बख्‍शा नहीं और खूब रन बटोरे।

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