मेक इन इंडिया सप्ताह के लिए गिरगांव चौपाटी पर बना सेट भीषण आग लग जाने से खाक हो गया। गनीमत रही कि इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ। शाम को चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम में मौजूद तमाम विदेशी मेहमानों, वीवीआईपी, कलाकार और कला प्रेमियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

इस घटना के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस घटनास्थल पर ही मौजूद रहे और यह जायजा लेते रहे कि घटनास्थल से हर व्यक्ति सुरक्षित बाहर हुआ या नहीं। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इस अग्निकांड और फायर सेफ्टी ऑडिट की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। इस अग्निकांड के बाद गिरगांव चौपाटी पर तय सारे सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।

समंदर के किनारे गिरगांव चौपाटी पर खुले मंच पर यह कार्यक्रम चल रहा था। इसलिए जब आग लगी तो तेज हवा के कारण आग ने भीषण रूप ले लिया। आग बुझाने में अग्निशमन दल की 14 गाड़ियों, 10 वॉटर टैंकरों, 8 जम्बो टैंकर्स की मदद ली गई। आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

आइए जानते हैं सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए गिरगांव चौपाटी बीच पर बने इस शानदार पंडाल की 10 प्रमुख बातें:2

1. 120 फीट चौड़ा और 20 फीट लंबा विकराल स्क्रीन मंच के पीछे की ओर लगाया गया था। इस पर महाराष्ट्र का नक्शा चित्रित था। इसे एलिवेटेड प्लेटफार्म पर स्थापित किया गया था5।2. महाराष्ट्र के नक्शे में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों हिंदू देवताओं की तस्वीर थी। इसके अलावा भगवान बुद्ध की विकराल प्रतिमा भी इसके सामने थी।3. इस विकराल स्क्रीन पर अजंता एलोरा की गुफाओं की तस्वीरों के साथ महाराष्ट्र की संस्कृति और इतिहास को बताती बहुत सी बातें उस पर थीं।54. बॉलीवुड के प्रोडक्शन डिजाइनर नितिन देसाई ने करीब 350 लोगों के साथ मिलकर गिरगांव चौपाटी पर इस विकराल सेट को तैयार किया था।56. गणेश विसर्जन को दर्शाती 650 नृत्यांगनाओं की पेशकश को इस विकराल स्क्रीन पर डिजिटल इमेज के जरिए दर्शाया जाना था, पर उससे पहले ही हादसा हो गया।76. आग लगने की घटना जिस समय हुई उसके बाद छह बड़े कार्यक्रमों की प्रस्तुति जबकि 12 छोटे कार्यक्रमों की प्रस्तुति होनी थी।7. इस कार्यक्रम की प्रमुख प्रस्तुति अभिनेत्री और नृत्यांगना हेमामालिनी की गणेश वंदना, बिग बी अमिताभ बच्चन का कविता पाठ, सोनाक्षी सिन्हा का डांस और अंत में म्यूजिक डायरेक्टर अजय-अतुल की थी8।8. 20 घोड़ों के साथ कलाकार वीर छत्रपति शिवाजी के जीवन और बहादुरी का प्रदर्शन भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा था।9.10दर्शकों को प्रस्तुति ठीक से दिखे इसके लिए नौ बड़े एलईडी स्क्रीन को भी लगाया गया था।10. इस कार्यक्रम की खास बात ये थी कि कुछ वीआईपी सीट को छोड़कर बाकी सभी कुर्सियां जो पूरे बीच पर थीं वो आम दर्शकों के लिए ही थीं।

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