मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में देश की सत्ता से हटाना जरूरी है। नहीं तो देश को इसके भयंकर परिणाम भुगतने होंगे। आज पूरे देश में भाजपा की विचारधारा की खिलाफत हो रही है। उन्होंने कहा कि बिहार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। बिहार में अपराध का ग्राफ घटा है। अपराधियों को तुरंत पकड़ा जा रहा है। लेकिन भाजपा के लोग राज्य की छवि खराब कर रहे हैं। अनाप-शनाप आरोप लगा कर राज्य की ऐसी छवि बनाना चाहते हैं, जिससे राज्य की बदनामी हो।

पार्टीजनों से मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को इन सभी मुद्दों पर सच्चाई से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन का प्रयोग सफल रहा है। देश को भी बिहार के चुनाव परिणाम के बाद से उम्मीदे जगीं हैं। इस प्रयोग का देश के स्तर पर ले जाने की जरूरत है। नीतीश कुमार रविवार को अपने आवास पर जदयू की नई राज्य कार्यकारिणी, जिलाध्यक्षों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की बैठक में बोल रहे थे। नई कार्यकारिणी की यह पहली बैठक मुख्यमंत्री के आवास पर हुई।

जेएनयू में संघ अपनी विचारधारा थोप रहा है : मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जेएनयू विश्वविद्यालय, दिल्ली शुरू से विचारधाराओं पर बहस का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। यहां भी संघ (आरएसएस) अपनी विचारधारा थोप रहा है। सीपीआई-सीपीएम को किसी की विचारधारा से मतभेद हो सकता है। लेकिन वे देशद्रोही नहीं हो सकते।

लोक शिकायत निवारण कानून 01 मई से प्रभावी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून एक मई से राज्य में लागू हो जाएगा। यह पहला राज्य होगा, जहां लोगों को शिकायत करने का कानूनी हक मिलेगा। अनुमंडल स्तर पर लोक निवारण अधिकारी होंगे, जहां लोग अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। इसके लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

शिकायत दर्ज होने के साथ ही लोगों की समस्या का निबटारा होगा। शिकायत निबटारे के लिए अधकितम दो तिथि दी जाएगी। इसके बाद भी अगर समस्या का निष्पादन नहीं हुआ तो अपील का प्रावधान होगा। फिर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी।

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