लंदन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक ढूंढने का दावा किया है, जो बेहद कम दामों में लोगों को उनके घरों में तेज गति इंटरनेट कनेक्शन मुहैया कराने में सक्षम साबित होगी। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधार्थी सीज इरकिलिंस ने बताया हमने एफटीटीएच नाम की अपनी तकनीक में एक सरलीकृत ऑप्टिकल रिसीवर इजाद किया है जो न सिर्फ इंटरनेट के सिग्नल को आसानी से ग्रहण करता है बल्कि इनकी गुणवत्ता को भी बरकरार रखता है। जिससे लोगों को बिना किसी अवरोध के इंटरनेट की तेज गति आसानी से मिल सकती है।

मौजूदा प्रणाली में घरों में इंटरनेट ऑप्टिकल रिसीवर के कनेक्शन में कहीं न क हीं महंगे तांबों के तारों का प्रयोग किया जाता है। जो काफी महंगे साबित होते हैं। महंगे कनेक्शन के बाद भी लोगों को मनमुताबिक इंटरनेट स्पीड नहीं मिल पाती। सीज के अनुसार उनकी टीम द्वारा बनाए गए ऑप्टिकल रिसीवर में कहीं भी महंगे तारों का इस्तेमाल नहीं है। इसलिए यह तकनीक सस्ती भी है।

घर हो या दफ्तर इंटरनेट की आवश्यकता हर ओर है। इंटरनेट का प्रयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन इंटरनेट गति की समस्या (लास्ट माइल प्रोबलम) से पूरी दुनिया जूझ रही है। वर्तमान में औसतन प्रति घर 300 मेगाबाइट प्रति सेकंड इंटरनेट डाटा का उपयोग किया जा रहा है। 2025 तक यह आंकड़ा प्रति सेकंड 5 से 10 गीगाबाइट्स तक पंहुच जाने की उम्मीद है। इंटरनेट नेटवर्क पहले से ही डाटा ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे हैं।

ऐसे में भविष्य में यह समस्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। तांबे के तारों का प्रयोग समस्या को और बढ़ा सकता है। सीज  ने दावा किया कि उनकी नई तकनीक में प्रति सेकंड 10 गीगाबाइट्स डाटा आसानी से ग्रहण करने की क्षमता है। भविष्य में भी यह काफी उपयोगी साबित होगी। यह शोध लाइटवेयर टेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुई है।

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